₹787 करोड़ के ग्रामीण बजट पर जताया आभार

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-पंचायत संघ ने की और बढ़ोतरी की मांग -ग्रामीण बजट पर संतोष, लेकिन बढ़ोतरी की जरूरत

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   राजधानी दिल्ली में ग्रामीण विकास को लेकर निर्धारित ₹787 करोड़ के बजट पर दिल्ली पंचायत संघ ने संतोष जताते हुए सरकार का आभार व्यक्त किया है। हालांकि, संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि गांवों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को देखते हुए बजट में और बढ़ोतरी बेहद जरूरी है। संघ का मानना है कि मौजूदा बजट एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन इससे व्यापक विकास के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।

किसानों और ग्रामीणों के लिए उठाई गई प्रमुख मांगें
पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि सरकार से उम्मीद थी कि ग्रामीण इलाकों को मालिकाना हक, रोजगार के अवसर, ‘स्मार्ट गांव’ जैसी योजनाएं, पार्किंग व्यवस्था, ले-आउट प्लान और गरीबों के लिए आवास जैसी सुविधाओं के लिए अधिक बजट आवंटित किया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग रखी कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उनकी कृषि भूमि से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाएं।

बेटियों की शिक्षा और सुविधाओं पर जोर
संघ ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की मांग की है। प्रस्ताव रखा गया कि नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटियों को साइकिल और लैपटॉप जैसी सुविधाएं दी जाएं, जिससे वे आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकें और डिजिटल रूप से सशक्त बन सकें। इस कदम से ग्रामीण बेटियों के भविष्य को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई है।

कृषि भूमि के सर्किल रेट और सुविधाओं पर मांग
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पंचायत संघ ने कृषि भूमि के सर्किल रेट को बढ़ाकर ₹10 करोड़ प्रति एकड़ करने की मांग की है। इसके अलावा गांवों में खेल मैदान, स्वास्थ्य केंद्र, गौशालाओं की संख्या बढ़ाने और वन्यजीवों के लिए जल स्रोत विकसित करने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान करने की बात कही गई है।

भलस्वा गांव की जमीन पर पंचायत का निर्णय
संघ ने यह भी जानकारी दी कि भलस्वा गांव में लगभग 400 बीघा कृषि भूमि को सरकारी विभाग द्वारा अधिग्रहण किए जाने के मुद्दे पर पंचायत बुलाई जाएगी। इस विषय पर किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी, ताकि किसी भी किसान के साथ अन्याय न हो।

सरकार से उम्मीदें और आगे की राह
पंचायत संघ ने सरकार से अपील की है कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए बजट में और बढ़ोतरी की जाए। साथ ही, किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं। संघ ने विश्वास जताया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी।

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