हॉकी टीम की नई जर्सी पर विवाद – पहले भी बदल चुकी है जर्सी!

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September 9, 2026

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-केसरिया जर्सी पर उठे सवालों के बीच हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की बोले- खिलाड़ियों और कोचों की सलाह पर लिया गया फैसला

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-   भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया किए जाने को लेकर शुरू हुए विवाद पर हॉकी इंडिया ने अपनी सफाई दी है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप कुमार टिर्की ने कहा कि यह फैसला किसी अन्य कारण से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ की तकनीकी जरूरत और सुझाव के आधार पर लिया गया है।

टिर्की ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी मुकाबले अब नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेले जाते हैं। ऐसे में नीली जर्सी पहनने पर खिलाड़ियों की दृश्यता (विज़िबिलिटी) प्रभावित होती थी, जिससे तेज़ गति वाले खेल के दौरान साथी खिलाड़ियों को पहचानने में दिक्कत होती थी। इसी वजह से टीम की ओर से जर्सी का रंग बदलने का सुझाव दिया गया।

उन्होंने कहा कि नई जर्सी एफआईएच पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप से पहले लॉन्च की गई है, जिसकी शुरुआत 14 और 15 अगस्त से नीदरलैंड और बेल्जियम में होगी।

पीला और केसरिया रंग थे विकल्प
दिलीप टिर्की के अनुसार, खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने जर्सी के लिए पीले और केसरिया रंग का सुझाव दिया था। इनमें से केसरिया रंग का चयन इसलिए किया गया क्योंकि यह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के प्रमुख रंगों में से एक है। इसके आधार पर नई जर्सी का डिज़ाइन तैयार किया गया।

पहले भी बदल चुकी है जर्सी
हॉकी इंडिया अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह पहली बार नहीं है जब टीम की जर्सी का रंग बदला गया हो। उन्होंने बताया कि 2014 में भारतीय टीम ने पीले रंग की जर्सी पहनी थी, जबकि 2018 में हल्के नीले रंग का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि समय-समय पर खिलाड़ियों की जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार बदलाव किए जाते रहे हैं।

जरूरत पड़ी तो फिर होगा बदलाव
टिर्की ने कहा कि यदि वर्ल्ड कप के दौरान या उसके बाद खिलाड़ियों को लगे कि नई जर्सी उपयुक्त नहीं है, तो हॉकी इंडिया उनकी राय के आधार पर भविष्य में फिर से रंग बदलने पर विचार करेगा।

हॉकी इंडिया ने भी जारी किया बयान
हॉकी इंडिया ने आधिकारिक बयान में कहा कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया। संगठन के अनुसार, नीले टर्फ पर नीली जर्सी तकनीकी रूप से खिलाड़ियों की दृश्यता को प्रभावित कर रही थी। इसी कारण बेहतर प्रदर्शन और स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए केसरिया रंग को प्राथमिक जर्सी तथा सफेद रंग को वैकल्पिक जर्सी के रूप में चुना गया।

हालांकि, जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान विरेन रासकिन्हा और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल उठाए हैं। इसके बाद हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला पूरी तरह खेल से जुड़ी तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

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