
नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अडानी समूह और सेबी की सफाई के बावजूद यह मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा और विवाद उबाल पर है।
मायावती की सोशल मीडिया पर टिप्पणी
मायावती ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि अडानी ग्रुप और सेबी चीफ के संबंधों को लेकर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट फिर से गर्म चर्चाओं में है। उन्होंने आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति को देशहित पर प्रभाव डालने वाला बताया और कहा कि यह मुद्दा अब सत्ता और विपक्ष के वाद-विवाद से परे जाकर केंद्र की साख और विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर रहा है।
केंद्र सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग
मायावती ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय जांच, जैसे कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या न्यायिक जांच, स्थापित करे ताकि स्थिति को स्पष्ट किया जा सके।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट के गंभीर आरोप
हिंडनबर्ग रिसर्च ने हाल ही में बाजार नियामक सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच और उनके पति पर आसानी से जुड़े विदेशी फंड में हिस्सेदारी होने का आरोप लगाया, जिससे हंगामा मचा हुआ है।





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