सीमा पर शांति बनेगी भारत-चीन संबंधों का मजबूत आधार -जयशंकर

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सीमा पर शांति बनेगी भारत-चीन संबंधों का मजबूत आधार -जयशंकर

-विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीनी विदेश मंत्री से हुई अहम मुद्दों पर तीन घंटे बातचीत,

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- लंबे समय से भारत-चीन सीमा पर चल रहे तनाव के चलते दोनो देशों के रिश्तों पर पड़ रहे विपरीत असर को कम करने के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने नई दिल्ली में शुक्रवार को अपने समकक्ष एस जयशंकर से बात की। तीन घंटे चली इस बातचीत में दोनो देशों की तरफ से अहम मुद्दों पर बात की गई। लेकिन भारत के विदेश मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जब तक सीमा पर शांति नही होती तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है। उन्होने कहा कि सीमा पर शांति ही दोनो देशों के बीच मजबूत संबंधों का आधार बनेगी। उन्होंने और चीनी विदेश मंत्री ने स्पष्ट तरीके से अहम मुद्दों पर बातचीत की।

चीनी विदेश मंत्री के साथ प्रतिनिधिस्तर की वार्ता के बाद जयशंकर ने कहा कि अभी जो मौजूदा स्थिति है, उसकी प्रगति धीमी है। मेरी आज वांग यी से हुई मुलाकात में इसी में तेजी लाने पर बात हुई है। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की जो अप्रैल 2020 से चीनी कार्रवाइयों के परिणाम स्वरूप बाधित हुए है। उन्होंने कहा, पिछले दो साल के दौरान सीमाई क्षेत्रों में तनाव का असर दोनों देशों के बीच नजर आया है। सीमा पर शांति दोनों देशों के बीच स्थिर और सहयोगी संबंधों का आधार है। हमारे बीच इस आधार को मजबूत करने और आज सामने आ रही मुश्किलों को दूर करने का समझौता भी है। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वांग यी से कहा कि भारत-चीन संबंध को अगर आगे ले जाना है तो सबसे पहले सीमा पर जल्द और पूरे तरीके से सैनिकों को हटाने पर काम होना चाहिए। चीनी विदेश मंत्री और डोभाल के बीच हुई मुलाकात में इस बात पर जोर रहा कि दोनों ओर से ऐसी कोई कार्रवाई न हो जिससे उनके बीच एक-दूसरे की सुरक्षा पर कोई आंच आए।

चीन के विदेश मंत्री यी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे थे। उनकी यात्रा का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच कोरोना महामारी के दौर के बाद प्रत्यक्ष वार्ता शुरू करना है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस साल होने वाली ब्रिक्स देशों की बीजिंग बैठक का न्योता भी देने वाले हैं।

मई 2020 के बाद से दोनों देशों के बीच लद्दाख में गतिरोध कायम है। इसके बाद से किसी वरिष्ठ चीनी नेता की यह पहली भारत यात्रा है। पिछले महीने विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि चीन के साथ भारत के संबंध बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं। गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष के बाद दोनों देशों ने गतिरोध दूर करने के लिए कई दौर की सीमा वार्ता की है। भारत लद्दाख में तनाव वाले सभी इलाकों से सेना की पूरी तरह वापसी पर अड़ा हुआ है।

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