
कोलकाता/अनीशा चौहान/- पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार कर लिया। मुर्शिदाबाद जिले के बुरवान स्थित उनके आवास पर छापेमारी के दौरान यह नाटकीय गिरफ्तारी हुई। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम के पहुंचते ही साहा दीवार फांदकर खेतों की ओर भागने लगे, लेकिन अधिकारियों ने पीछा कर उन्हें मिट्टी से सने कपड़ों के साथ पकड़ लिया।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान साहा ने सबूत नष्ट करने की कोशिश भी की। उन्होंने अपने दो मोबाइल फोन घर के पास तालाब में फेंक दिए, लेकिन ईडी की टीम ने गोताखोरों की मदद से दोनों फोन बरामद कर लिए। इन्हें अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन?
ईडी की यह कार्रवाई बिरभूम जिले के एक व्यक्ति से मिली जानकारी के आधार पर की गई थी। इस व्यक्ति ने शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन का खुलासा किया था और वह ईडी की टीम के साथ साहा के घर भी गया। इसके अलावा ईडी ने मुर्शिदाबाद स्थित साहा के आवास के साथ-साथ रघुनाथगंज में उनके ससुराल और बिरभूम में उनके निजी सहायक के घर पर भी छापेमारी की।
अधिकारियों ने बताया कि साहा से लगातार पूछताछ हो रही है और उन्हें कोलकाता ले जाया जा रहा है, जहां ईडी कोर्ट में उनकी पेशी करेगी। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2023 में सीबीआई ने भी साहा को इसी मामले में गिरफ्तार किया था, हालांकि उन्हें मई 2023 में जमानत मिल गई थी।
सीबीआई-ईडी की संयुक्त जांच
शिक्षक भर्ती घोटाला पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ी हलचल का कारण बना हुआ है। इस मामले में कई टीएमसी नेताओं के नाम सामने आ चुके हैं। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है, जबकि सीबीआई आपराधिक कनेक्शन की पड़ताल में जुटी है। इस केस में साहा की पत्नी से भी पहले पूछताछ की जा चुकी है।
यह पूरा मामला राज्य की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और राजनीतिक हस्तक्षेप पर गंभीर सवाल खड़े करता है।





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