शिक्षक दिवस विशेष: मां से मिली सीख ने बदल दी जिंदगी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

शिक्षक दिवस विशेष: मां से मिली सीख ने बदल दी जिंदगी

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-  शिक्षक दिवस हर किसी के लिए खास होता है, लेकिन मेरे लिए यह दिन और भी भावनात्मक है। क्योंकि मेरी मां स्वयं एक शिक्षिका थीं। आज वह इस दुनिया में नहीं हैं, फिर भी उनकी कही बातें और उनके दिए जीवन के सबक मुझे हमेशा याद रहते हैं।

पढ़ाई से दूरी और मां की सख्ती
जब मैं छठवीं कक्षा में थी, तब मेरा पढ़ाई में बिल्कुल भी मन नहीं लगता था। मैं अपनी मां के ही स्कूल में पढ़ती थी और यही सोचती थी कि मेरी मां अध्यापिका हैं, तो मुझे मेहनत करने की कोई जरूरत नहीं है। वे चाहेंगी तो मुझे पास कर ही देंगी। इस वजह से मैंने कभी पढ़ाई को गंभीरता से नहीं लिया और पूरा साल खेलकूद में निकाल दिया।

नतीजे ने दिखाया आईना
जब परीक्षा हुई, तो मैंने बिना पढ़ाई किए ही कुछ भी लिख दिया। नतीजा यह हुआ कि मैं फेल हो गई। उस समय मैंने गुस्से में मां से कहा कि उन्होंने चाहा होता तो मुझे पास कर सकती थीं। लेकिन उन्होंने शांत रहकर मुझे समझाया।

मां का संदेश और सीख
मां ने कहा कि एक अध्यापिका के लिए सभी छात्र समान होते हैं। बिना मेहनत किए किसी को अंक देना न केवल गलत है बल्कि मेहनती छात्रों के साथ अन्याय भी है। अगर वह मुझे एक बार पास कर देतीं तो मैं आगे भी कभी मेहनत न करती और बिना प्रयास किए सबकुछ पाना चाहती।

जीवनभर की प्रेरणा
उस दिन मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ और मैंने ठान लिया कि जिंदगी में हर चीज मेहनत से ही हासिल करनी है। आज शिक्षक दिवस पर मुझे मां की वही बातें याद आ रही हैं। वास्तव में, मां ही मेरी पहली और सबसे बड़ी शिक्षिका थीं, जिन्होंने मुझे मेहनत का असली महत्व समझाया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox