वैदिक मंत्रों के बीच खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट

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October 12, 2026

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-भक्ति और उल्लास से गूंजा पूरा क्षेत्र -श्रद्धा के महासंगम के साथ शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला

उत्तराखंड/उमा सक्सेना/-  उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित पवित्र तीर्थ बद्रीनाथ मंदिर के कपाट गुरुवार सुबह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा धाम “जय बदरीविशाल” के जयघोष से गूंज उठा। इस पावन मौके पर देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अखंड ज्योति के दर्शन किए।

विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान
कपाट खुलने की प्रक्रिया पूरी तरह पारंपरिक विधियों के अनुसार संपन्न की गई। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस दिव्य क्षण का साक्षी बनकर पुण्य अर्जित किया।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी और संदेश
इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष पूजा में भाग लिया और देश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए हर स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने सभी से स्वच्छ और हरित यात्रा का पालन करने की अपील भी की।

लोक संस्कृति और परंपरा की झलक
कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक मौके पर स्थानीय माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागर और झुमैलो नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया। वहीं विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर अपनी आस्था प्रकट की, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया।

भंडारे का आयोजन और सेवा भाव
मंदिर परिसर में भंडारे का भी आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं भंडारे का शुभारंभ कर श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया और सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी, संत-महात्मा और श्रद्धालु मौजूद रहे।

आस्था, व्यवस्था और परंपरा का संगम
बद्रीनाथ धाम में कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है। यहां श्रद्धा, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बन रहा है।

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