उपराष्ट्रपति ने युवा चिकित्सकों को दिया राष्ट्रसेवा का संदेश

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-दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का प्रेरणादायी संबोधन -ऋषिकेश एम्स में भव्य दीक्षांत समारोह

उत्तराखंड/उमा सक्सेना/-  उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आयोजित छठे दीक्षांत समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में स्नातक हो रहे चिकित्सकों को सहानुभूति, ईमानदारी और समर्पण के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा का समापन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की नई शुरुआत है।

स्वास्थ्य सेवाओं और नवाचार पर जोर
उपराष्ट्रपति ने देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार की सराहना करते हुए कहा कि नए चिकित्सा संस्थानों की स्थापना से लोगों को बेहतर इलाज और शिक्षा मिल रही है। उन्होंने महामारी के दौरान देश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि भारत ने नवाचार और प्रतिबद्धता के बल पर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए टेलीमेडिसिन और नई तकनीकों के उपयोग की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में हो रहे विकास कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, जिससे आम लोगों को लाभ मिल रहा है।

पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा का आह्वान
कार्यक्रम में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने युवा डॉक्टरों से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए चिकित्सकों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए और सेवा भावना के साथ कार्य करना चाहिए।

चिकित्सा सेवा को बताया सर्वोच्च मानव सेवा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस मौके पर स्नातकों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे।

बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस समारोह में कई वरिष्ठ नेता, अधिकारी, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, गर्व और नई शुरुआत का माहौल देखने को मिला, जहां युवा चिकित्सकों ने समाज सेवा की शपथ के साथ अपने करियर की शुरुआत की।

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