राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का बदला नाम, अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा अवॉर्ड

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का बदला नाम, अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा अवॉर्ड

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल रत्न अवॉर्ड को लेकर किया बड़ा ऐलान, खिलाड़ी को सम्मान, परिवार ने जताई खुशी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश में खेल जगत से जुड़े सबसे बड़े भारत रत्न खेल अवार्ड का नाम हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखे जाने का भारत सरकार ने फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को राजीव गांधी खेल रत्न अवाउर् का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा है कि देश की जनता लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी। नई घोषणा के बाद अब पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड कहा जाएगा। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो में चल रहे ओलंपिक्स 2020 में जर्मनी को मात देकर कांस्य पदक जीता था।
                       पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए. लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है, जय हिंद!’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं. विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है, जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।
                     दिवंगत मेजर ध्यानचंद के बेटे और पूर्व हॉकी प्लेयर अशोक ध्यानचंद ने टोक्यो ओलंपिक्स में भारत के प्रदर्शन को लेकर कहा कि ‘हॉकी कहीं दबी हुई रखी हुई थी, उस हॉकी को आज निकाल लिया है और वह पूरे नक्शे पर आ गई है भारत के।’ इस दौरान उन्होंने सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को मिले प्रोत्साहन की तारीफ की है। महिला हॉकी टीम के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, ‘महिलाओं ने दिल जीत लिया है.। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखे जाने पर उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया है।
                           29 अगस्त 1905 में इलाहाबाद में जन्मे ध्यानचंद को भारतीय हॉकी के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है. महज 16 साल की उम्र में वो सेना में भर्ती हो गए थे. इसके बाद उन्होंने 1922 के बाद से आर्मी टूर्नामेंट्स में खेलना शुरू किया. फील्ड पर उनके कौशल को देखकर ध्यानचंद को भारतीय सेना की टीम में शामिल किया गया. 1926 में टीम के साथ न्यूजीलैंड टूर पर गए थे। कहा जाता है कि टूर्नामेंट में उनकी टीम ने 21 में 18 में जीत दर्ज की थी और ध्यानचंद को उनके प्रदर्शन के लिए काफी सराहना मिली थी। भारत लौटने पर उन्हें लांस नायक बनाया गया. उन्होंने साल 1940 तक हॉकी खेलना जारी रखा और 1956 में सेना से मेजर के तौर पर रिटायर हुए.। सेवानिवृत्त होने के बाद कोच बन गए थे। हॉकी के इस जादूगर ने 3 दिसंबर 1979 को दिल्ली में अंतिम सांस ली।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox