मेरठ पुलिस पर मनमानी का आरोप, थाने में वीडियोग्राफी पर FIR के निर्देश से बवाल

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September 17, 2026

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मेरठ पुलिस पर मनमानी का आरोप, थाने में वीडियोग्राफी पर FIR के निर्देश से बवाल

-CO का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रेस की आज़ादी पर उठे सवाल, सफाई देने उतरे वरिष्ठ अधिकारी

मेरठ/सिमरन मोरया/-  मेरठ पुलिस एक बार फिर विवादों में है। ब्रह्मपुरी सर्किल की सीओ Saumya Asthana का 29 सेकंड का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह मातहतों को निर्देश देती सुनाई दे रही हैं कि यदि कोई पत्रकार थाने के अंदर वीडियोग्राफी करता है तो उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए।

ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पत्रकार संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि यदि थानों में हो रही गतिविधियों की रिकॉर्डिंग पर ही रोक लगा दी जाएगी, तो पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी।

बताया जा रहा है कि मामला TP Nagar Police Station से जुड़ा है। वायरल ऑडियो में सरकारी कार्य में बाधा डालने का हवाला देते हुए पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई है। इस आदेश को लेकर स्थानीय मीडिया में रोष है और इसे पुलिस की मनमानी कार्रवाई बताया जा रहा है।

विवाद बढ़ने पर एसएसपी Avinash Pandey को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि निर्देश कुछ पोर्टल संचालकों के लिए था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया था। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि ऐसे आदेश पुलिस की जवाबदेही से बचने का तरीका बन सकते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने मेरठ में पुलिस और मीडिया के रिश्तों को तनावपूर्ण बना दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या कानून-व्यवस्था के नाम पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया जा सकता है, या फिर पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता लानी होगी।

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