मिड डे मील व्यवस्था पर सख्ती: शिक्षा समिति के डिप्टी चेयरमैन अमित खरखड़ी का औचक निरीक्षण

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-कई अनियमितताएं उजागर

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   विद्यालयी बच्चों को परोसे जा रहे मिड डे मील की गुणवत्ता, स्वच्छता और पारदर्शिता की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से शिक्षा समिति के डिप्टी चेयरमैन अमित खरखड़ी ने भारतीय मानव कल्याण समिति और दलित मानव उत्थान समिति द्वारा संचालित केंद्रीकृत रसोई घरों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया, कच्चे खाद्यान्न की गुणवत्ता, भंडारण प्रणाली, साफ-सफाई, सुरक्षा प्रोटोकॉल और रिकॉर्ड प्रबंधन का विस्तार से परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर और अभिलेखों का मिलान कर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि बच्चों तक सुरक्षित और पौष्टिक भोजन समय पर पहुंचे।

दलित मानव उत्थान समिति की रसोई में स्वच्छता मानकों की अनदेखी
जांच के दौरान दलित मानव उत्थान समिति की किचन यूनिट में आवश्यक उपकरणों की कमी सामने आई। रसोई में ऑयल कैचर का अभाव पाया गया, जो खाद्य स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इसके अलावा मौके पर स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध न होने से कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। निरीक्षण टीम ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए संबंधित प्रबंधन से जवाब तलब किया।

एफसीआई स्टॉक में गड़बड़ी के संकेत
भारतीय मानव कल्याण समिति के खाद्यान्न भंडारण केंद्र की पड़ताल में भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। निर्धारित स्थान से दूर स्थित गोदाम में रखे गेहूं और चावल की मात्रा सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती पाई गई। मौके पर लगभग 750 क्विंटल गेहूं और 150 क्विंटल चावल अतिरिक्त मिला, जिससे सरकारी अनाज के दुरुपयोग या संभावित हेरफेर की आशंका गहरा गई। अधिकारियों ने इस अंतर को गंभीर अनियमितता मानते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए।

बच्चों के पोषण से समझौता बर्दाश्त नहीं: अमित खरखड़ी
निरीक्षण के बाद डिप्टी चेयरमैन अमित खरखड़ी ने स्पष्ट कहा कि मिड डे मील योजना सीधे बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई संस्था बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ करती पाई गई, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जांच और कार्रवाई के निर्देश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निगम अधिकारियों को तत्काल विस्तृत जांच, सभी अभिलेखों के सत्यापन और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी नियमित औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox