मायावती का बड़ा ऐलान: BJP की तारीफ, सपा पर निशाना

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

मायावती का बड़ा ऐलान: BJP की तारीफ, सपा पर निशाना

मानसी शर्मा/-   उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर कांशीराम स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मायावती ने सपा पर जमकर निशाना साधा। साथ ही प्रदेश की योगी सरकार की तारीफ भी की।

मायावती ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार थी और मान्यवर कांशीराम के आदर-सम्मान में यह स्मारक स्थल बनाया गया था तो उसी समय हमारी सरकार ने ये व्यवस्था की थी कि हम लोग यहां आने वालों से टिकट लेंगे। जिसका पैसा लखनऊ में बनाए गए स्मारक और पार्कों के रख-रखाव में इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन दुख की बात यह है कि वर्तमान भाजपा की सरकार से पहले यहां सपा की सरकार थी तो सपा सरकार ने उस टिकट के पैसे को दबाकर रखा। हालत बहुत जर्जर हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखित चिट्ठी के जरिए कहा और आग्रह किया कि टिकटों के पैसे को रखरखाव पर लगाया जाए। उत्तर प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने इस मामले को संज्ञान में लेकर हमसे वादा किया कि जो भी पैसा टिकटों के जरिए आता है वह इन स्थलों के रखरखाव के लिए लगाया जाएगा इसलिए हमारी पार्टी उनकी(भाजपा सरकार) आभारी है।

समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आते ही उसका नाम क्यों बदल दिया?- मायावती

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, “जब वे(समाजवादी पार्टी) सरकार में रहते हैं तो न उन्हें PDA याद आता है, न कांशीराम जी की जयंती और न ही पुण्यतिथि लेकिन जब वे सत्ता से बाहर हो जाते हैं तो समाजवादी पार्टी को याद आता है कि हमें संगोष्ठी करनी चाहिए। मैं अखिलेश यादव से पूछना चाहती हूं कि यदि कांशीराम जी के प्रति आपका इतना ही आदर सम्मान था तो जब उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार थी और हमने अलीगढ़ मंडल में कासगंज नाम से एक जिला बनाया और उस जिले का नाम कांशीराम जी के नाम पर रखा गया था। समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आते ही उसका नाम क्यों बदल दिया? हमने कांशीराम जी के नाम पर अनेकों संस्थानों के नाम रखें, अनेक योजनाएं शुरू की जिसे समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आते ही बंद कर दिया। यह उनका दोहरा चरित्र नहीं है तो क्या है?

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox