मकर संक्रांति पर त्रिवेणी संगम में आस्था का महासैलाब

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-माघ मेला 2026 के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

नई दिल्ली/प्रयागराज/उमा सक्सेना/-      प्रयागराज में माघ मेला 2026 के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। गुरुवार को तड़के सुबह से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और साधु-संतों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगाने के लिए देशभर से आए श्रद्धालुओं में गहरी श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला। प्रशासन के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक 54 लाख से अधिक लोगों ने संगम में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय अत्यंत पुण्यकारी
स्थानीय पुजारी रविशंकर मिश्रा ने बताया कि मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जो हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि इस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्य देव की आराधना और गायत्री मंत्र का जाप इस दिन विशेष फलदायी होता है। इसी मान्यता के चलते श्रद्धालु पूरे दिन संगम में स्नान के लिए पहुंचते रहे।

श्रद्धालुओं ने साझा किए अपने अनुभव
संगम में स्नान करने पहुंचीं स्थानीय निवासी प्रीति ने इसे “असाधारण और अविस्मरणीय अनुभव” बताया। उन्होंने मेला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। वहीं हैदराबाद से परिवार सहित आए एक वकील ने साफ-सफाई, पुलिस व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि वे किसी विशेष मन्नत के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए संगम आए हैं।

महिलाओं के लिए बेहतर हुई सुविधाएं
स्थानीय निवासी गौरी ओझा ने कहा कि प्रयागराज की निवासी होने के नाते उन्हें हर वर्ष संगम में स्नान करने का सौभाग्य मिलता है। उन्होंने बताया कि इस बार महिलाओं के लिए व्यवस्थाएं पहले की तुलना में कहीं बेहतर हैं। घाटों पर चेंजिंग रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे महिलाओं को काफी राहत मिली है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं को घाटों की स्वच्छता बनाए रखने के प्रति और अधिक जिम्मेदार होना चाहिए।

सुबह से लगातार बढ़ता रहा श्रद्धालुओं का आंकड़ा
मेला प्रशासन के अनुसार,

सुबह 8 बजे तक करीब 21 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया

सुबह 10 बजे तक यह संख्या 36 लाख के पार पहुंच गई

दोपहर 12 बजे तक 54 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे

अनुमान है कि शुभ मुहूर्त पूरे दिन रहने के कारण शाम तक स्नान करने वालों की संख्या एक से दो करोड़ के बीच पहुंच सकती है। इस बार प्रशासन ने कुल दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान जताया है।

यातायात और जाम से निपटने की विशेष योजना
प्रयागराज शहर में जाम की संभावनाओं को देखते हुए आठ संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर तुरंत कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की गई है। प्रत्येक क्यूआरटी में छह पुलिसकर्मी और एक विशेष वाहन शामिल है। ट्रैफिक कंट्रोल रूम से सतत निगरानी की जा रही है और किसी भी जाम की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, कोहरे के बीच बढ़ी गश्त
घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है। एसपी माघ मेला नीरज पांडे ने बताया कि पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई श्रद्धालु रास्ता न भटके। वहीं पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आरएएफ, एटीएस और अन्य विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर, आस्था की असली तस्वीर
इस बार माघ मेले में सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह रखने वाले यूट्यूबरों से ज्यादा चर्चा तपस्या, कल्पवास और साधना की हो रही है। दस साल के बच्चे का कल्पवास, एक पैर पर खड़े संत और सीमित संसाधनों में संगम तक पहुंचने वाले श्रद्धालु लोगों की आस्था का प्रतीक बने हुए हैं। यही कारण है कि यह मेला युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox