ब्लैक फंगस नही कोई नई बिमारी नही, पहले भी मरीज होते थे ब्लैक फंगस के शिकार

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August 25, 2026

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ब्लैक फंगस नही कोई नई बिमारी नही, पहले भी मरीज होते थे ब्लैक फंगस के शिकार

-कोरोना महामारी में डायबिटिज व कैंसर के रोगियों में ब्लैक फंगस का ज्यादा प्रकोप -स्टेराॅयड के गलत इस्तेमाल से फैल रहा ब्लैक फंगस, आॅक्सीजन के सही इस्तेमाल से भी हो रहा ब्लैक फंगस -अकेले दिल्ली एम्स में ब्लैक फंगस के 23 मरीज व देश में 5000 मरीज ब्लैक फंगस से पीड़ित, सरकार कालाबाजारी पर हुई सतर्क

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- ब्लैक फंगस से डरे नही, यह कोई नई बिमारी नही है। देश में पहले भी ब्लैक फंगस के मरीज मिलते रहे हैं। इस बिमारी से डरने की नही सिर्फ सावधान रहने की जरूरत है। ये वक्तव्य एम्स दिल्ली के महानिदेषक रणदीप गुलेरिया ने कोरोना महामारी के दौरान बढ़ रहे ब्लैक फंगस के केसों पर लोगों को जागरूक करने के लिए दिया है। वहीं देश में ब्लैक फंगस की दवाओं को लेकर सरकार सतर्क हो गई है और एहतियाती कदम उठा रही है। हालांकि एम्स में ब्लैक फंगस के 23 मामले उपचाराधीन है और देश के विभिन्न हिस्सों में 5 हजार ब्लैक फंगस के मामले सामने आये है।
                  डा. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि ब्लैक फंगस का पूर्ण इलाज मौजूद है। लेकिन कोरोना महामारी में यह बिमारी तेजी से मरीजों को अपना शिकार बना रही है। जो एक चिंता का विषय है। उन्होने लोगों से अपील करते हुए कहा कि लोग इससे डरे नही। अगर कोई भी लक्षण दिखाई देता है तो इसकी तुरंत जानकारी अपने चिकित्सक को दें ताकि समय रहते उसका ईलाज हो सके।
                   ब्लैक फंगस के मुख्य लक्षण तेज सिर दर्द के साथ उल्टी आना, नाक बंद होना व नाक से खून का रिसाव होना तथा आंखों में तेज दर्द व आंखे लाल होना ब्लैक फंगस की मुख्य लक्षण है। इसमें बुखार भी आ जाता है। यह बिमारी आंखों, चेहरे, मसूड़ो, नाक की हड्डी व जबड़ों पर इसका प्रकोप ज्यादा होता है। इस पर डा. समीर भाटी ने बताया कि ब्लैक फंगस डायबिटिज, कैंसर व ट्रांसप्लांट वाले मरीजों को इससे ज्यादा खतरा होता है। ब्लैक फंगस से बचने के लिए साफ-सफाई बहुत जरूरी। हालांकि यह कोई नई बिमारी नही है लेकिन कोरोना महामारी के दौरान इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण यह बिमारी अब अपने पैर पसार रही हैं। कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस की इंट्री को लेकर चिकित्सकों ने कहा कि कोरोना के ईलाज के दौरान मरीजों को स्टेरायड ज्यादा मात्रा में देने पर भी लोग इस बिमारी के शिकार हो रहे हैं। उन्होने कहा कि लोग झोलाछाप डाक्टरों से बचे और सरकारी अस्पतालों व अच्छे चिकित्सकों से अपना ईलाज कराये।
                   डा. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि लोग इस बिमारी को लेकर अफवाहों से बचे और सही समय पर सुरक्षित ईलाज लेकर इस बिमारी का सामना करें। हालांकि चिकित्सक ब्लैक फंगस को लेकर लोगों को आश्वस्त कर रहे है। लेकिन फिर भी देश में ब्लैक फंगस की दवाईयों की कालाबाजारी के मामले अब सामने आने लगे है। लोग ब्लैक फंगस की दवा को तेजी से खरीदकर इसका स्टाॅक कर रहे है। सरकार की चिंता यही है कि बिमारी का ईलाज होते हुए भी लोग इसे कठिन बना रहे हैं। सरकार ने लोगों को जागरूक करने के लिए अपना अभियान शुरू कर दिया है और ब्लैक फंगस की दवाओं की कालाबाजारी पर अधिकारियों सतर्क रहने के निर्देश दिये हैं।

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