प्राण प्रतिष्ठा के दिन कैसे करें भगवान राम को प्रसन्न, जानें पूजा विधि और मंत्र

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

प्राण प्रतिष्ठा के दिन कैसे करें भगवान राम को प्रसन्न, जानें पूजा विधि और मंत्र

मानसी शर्मा / –  उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन होने वाला है। मंदिर परिसर के बाहर लाखों की संख्या में भक्त जश्न मानते हुए दिखाई दे रहे है। साथ ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आज राम संपूर्ण देश आस्था और भक्ति के सागर में डूबकर ‘राममय’ हो गया है।

राम मंदिर में आज दोपहर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही शाम के समय श्री राम ज्योति जलाई जाएगी। आज के दिन हम अपने घर में भागवान राम की पूजा कैसे करें। आइए जानते हैं भगवान राम की पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, आरती, भोग आदि के बारे में।

प्राण प्रतिष्ठा या मूर्ति स्थापना के दिन, भगवान राम को प्रसन्न करने के लिए आप इन पूजा विधि, मंत्र, आरती, भोग, फल, और फूल का आचरण कर सकते हैं।

पूजा विधि:

पूजा का आरंभ स्थान को शुद्ध करके करें।

मूर्ति स्थापना के लिए उचित स्थान का चयन करें।

विधिवत प्रतिष्ठा के लिए योग्य मुहूर्त का चयन करें।

मंत्र:

राम मंत्रों का जाप करें, जैसे कि “ॐ श्री रामाय नमः” या “श्री राम जय राम जय जय राम”।

आरती:

आरती गाने से पहले, धूप, दीप, गंध, पुष्प, अखिल भूतान्तर्यामि भगवान राम को समर्पित करें।

राम आरती के दौरान उच्चारित करें और आरतीग्रहण करें।

भोग:

भगवान के लिए भोग तैयार करें। यह फल, मिठाई, चावल, दूध, घी, या अन्य सात्विक आहार हो सकता है।

फल, फूल:

भगवान को फल और फूल अर्पित करें। यह साफ़ और स्वच्छ रहना चाहिए।

प्रार्थना:

मन, वचन, और क्रिया से भगवान से क्षमा, आशीर्वाद, और संजीवनी शक्ति के लिए प्रार्थना करें।

ध्यान:

पूजा के बाद, ध्यान करें और भगवान के चरणों में मन को समर्पित करें।

ध्यान रखें कि पूजा की विधि विभिन्न स्थानों और संप्रदायों में थोड़ी भिन्न हो सकती है, लेकिन ये आम रूप से पूजा की जाने वाली कार्रवाई हैं। इसके अलावा, स्थानीय पूजा परंपराएं और परंपरागत रूप से अनुसरण की जा सकती हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox