नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन की मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा। एक वायरल वीडियो में पीएम मोदी एर्दोगन से गर्मजोशी से हाथ मिलाते और पीठ थपथपाते नजर आए। यह मुलाकात इसलिए खास है क्योंकि हाल ही में भारत-तुर्की संबंध तनावपूर्ण रहे हैं।
अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे। तुर्की ने इसकी निंदा करते हुए पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया और 350से अधिक ड्रोन, जैसे Bayraktar TB2और YIHA, के साथ-साथ विशेषज्ञ भी उपलब्ध कराए। इस दौरान दो तुर्की सैन्य कर्मियों की मौत भी हुई थी। इस पृष्ठभूमि में दोनों नेताओं की मुलाकात सकारात्मक संकेत देती है।
मोदी-जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता
SCO समिट में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम द्विपक्षीय मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, और आर्थिक-व्यापारिक संबंधों पर चर्चा की। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने बताया कि मोदी ने सीमापार आतंकवाद पर चिंता जताई और इसके खिलाफ संयुक्त प्रयासों की जरूरत पर बल दिया। दोनों नेताओं ने सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और पिछले वर्ष के डिसइंगेजमेंट की सफलता का उल्लेख किया। यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों को स्थिरता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आर्थिक सहयोग पर जोर
मोदी और जिनपिंग ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत-चीन व्यापार संतुलन और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी जोर दिया। यह मुलाकात न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देती है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। SCO मंच पर इन मुलाकातों ने भारत की कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित किया।


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