पूर्व CRPF डीजी अनीश दयाल सिंह बने भारत के नए डिप्टी NSA

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 2, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पूर्व CRPF डीजी अनीश दयाल सिंह बने भारत के नए डिप्टी NSA

अनीशा चौहान/-   अनीश दयाल सिंह एक अनुभवी और सम्मानित IPS अधिकारी है। जिन्हें 24 अगस्त को भारत सरकार द्वारा उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (डिप्टी एनएसए) नियुक्त किया गया है। उन्हें आंतरिक मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 1988 बैच के मणिपुर कैडर के इस रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी ने अपने लंबे और शानदार करियर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक (डीजी) के पद शामिल हैं।

अनीश दयाल सिंह बने डिप्टी NSA

अनीश दयाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के नेतृत्व में कार्य करेंगे। उनकी जिम्मेदारी में जम्मू-कश्मीर, नक्सलवाद, और पूर्वोत्तर में उग्रवाद जैसे आंतरिक सुरक्षा मुद्दों का प्रबंधन शामिल होगा। वे राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन में सहायता करेंगे। जिसमें आतंकवाद, साइबर खतरों और डेटा उल्लंघन जैसे जोखिमों का आकलन और समाधान शामिल है।

कौन हैं अनीश दयाल सिंह?

अनीश दयाल सिंह का जन्म साल 1964 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा यहीं पूरी की। जिसके बाद 1988 में उनका भारतीय पुलिस सेवा में चयन हुआ। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद, उन्हें 21 अगस्त 1989 को मणिपुर कैडर आवंटित किया गया। बता दें, उनके भाई सौमित्र दयाल सिंह, इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायाधीश रह चुके हैं।

अनीश दयाल सिंह का करियर

अनीश दयाल सिंह का करियर तीन दशकों से अधिक का है, जिसमें उन्होंने विभिन्न सुरक्षा और खुफिया संगठनों में कई अहम भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में लगभग 30 सालों तक सेवा दी, जहां वे स्पेशल डायरेक्टर के पद पर रहे और कई संवेदनशील ऑपरेशनों का नेतृत्व किया।

उन्होंने CRPF के महानिदेशक के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में 30 से ज्यादा अग्रिम परिचालन ठिकाने स्थापित किए गए और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में चार नई बटालियनों की शुरुआत हुई। इसके साथ उन्होंने 130 से ज्यादा CRPF बटालियनों के पुनर्गठन की पहल की।

इसके अलावा अनीश दयाल सिंह ने आईटीबीपी के महानिदेशक के रूप में कार्य किया और एनएसजी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अतिरिक्त प्रभार के साथ भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox