नवीन विद्यार्थियों का स्वागत — कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने प्रेरक संदेश दिया

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नवीन विद्यार्थियों का स्वागत — कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने प्रेरक संदेश दिया

-भारतीय परम्परा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय की आवश्यकता

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में नए छात्रों का स्वागत बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का जीवन व्यक्ति के व्यक्तित्व, सोच और चरित्र को आकार देने का महत्वपूर्ण चरण है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को सार्थक और उपयोगी बनाने का मार्ग भी है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा की अहमियत पर बल देते हुए बताया कि सच्चा छात्र वही है जो श्रद्धा, अनुशासन और जिज्ञासा के साथ अध्ययन करता है।

परंपरा और आधुनिक विज्ञान का सामंजस्य
कुलपति ने विद्यार्थियों से अपेक्षा जताई कि वे भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान और तकनीकी प्रगति के साथ जोड़कर समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण ही देश के विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

कार्यक्रम में दी गई शैक्षणिक और सांस्कृतिक जानकारी
यूजीसी के निर्देशानुसार आयोजित इस दीक्षारम्भ समारोह का उद्देश्य छात्रों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक नीतियों, परीक्षा प्रक्रिया, पुस्तकालय संसाधन, शोध सुविधाओं और छात्र कल्याण योजनाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य पंचोली ने किया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों के प्रमुखों और प्राध्यापकों ने छात्रों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों, शोध एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

छात्र सहभागिता और समापन
इस अवसर पर छात्र प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे नए प्रवेशित छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ। कार्यक्रम में प्रो. भागीरथी नन्द, प्रो. परमानन्द भारद्वाज, प्रो. मार्कण्डेय नाथ तिवारी, प्रो. जयकृष्णन्, विश्वविद्यालय के अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। समारोह का संचालन संयोजकों द्वारा किया गया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें सभी अतिथियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया।  

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