नजफगढ़ थाना पुलिस ने जेबकतरों व जालसाजी गिरोंह का किया पर्दाफाश

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नजफगढ़ थाना पुलिस ने जेबकतरों व जालसाजी गिरोंह का किया पर्दाफाश

-3 जेबकतरों व जालसाजों को किया गिरफ्तार, 7,20000 की धोखाधड़ी को सुलझाया -आरोपी गबन की रकम से देहरादून, हरिद्वार व केदारनाथ में करते रहे ऐश

द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- नजफगढ़ थाना पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद एक ऐसे जेबकतरा व जालसाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों का मोबाइल चुरा कर फिर उसकी नकली आईडी बनाकर बैंक खातों से जमा रकम का गबन करते थे और फिर उस पैसे से हरिद्वार, देहरादून व केदारनाथ में ऐश करते थे। पुलिस जेबकतरा व जालसाजी गिरोंह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर 7,20,000 रूपये की धोखाधड़ी का मामला सुलझाने का दावा किया है। पुलिस आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोंह दूसरे सदस्यों व गबन की रकम की बरामदगी हो सके।
इस संबंध में द्वारका डीसीपी अंकित सिंह ने बताया कि 29 मई को शिकायतकर्ता सुखबीर सिंह खर्ब ने नजफगढ़ थानें में एक शिकायत दर्ज कराई थी कि 24 मई को वह डीटीसी बस रूट संख्या 835 से अपने घर जा रहा था लेकिन किसी ने उसकी जेब काट ली और उसका मोबाइल चोरी कर लिया। लेकिन 28 मई को जब उसने अपने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि तीन अलग-अलग बैंक खातों से धोखाधड़ी करके उसके खाते से 7,20,000 रूपये की राशि निकाल ली गई है। जिसपर कार्यवाही करते हुए इंस्पेक्टर सुभाष चंद एसएचओ नजफगढ़ की देखरेख और महेश नारायण, एसीपी नजफगढ़ की समग्र निगरानी में नजफगढ़ के पुलिस अधिकारियों की एक समर्पित टीम गठित की गई थी, जिसमें एसआई अमित भारद्वाज, एएसआई संजय, एएसआई सुभाष सिंह, एचसी अजीत और एचसी हवा सिंह शामिल थे। टीम का गठन अपराधियों को गिरफ्तार करने और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए किया गया था।
टीम ने शिकायतकर्ता के बैंक खाते के विवरण का विश्लेषण किया और यह पता चला कि अधिकांश मौद्रिक लेनदेन उत्तराखंड में किए गए थे और यूपीआई लेनदेन के दौरान एक मोबाइल नंबर 931848ग्ग्ग्ग् का इस्तेमाल किया गया था, जो श्याम कुमार के नाम पर था।
उससे फोन पर संपर्क किया गया जिसने कहा कि उसने यह लेनदेन शशांक के कहने पर किया था जो उत्तराखंड में कहीं है। उसने शशांक का मोबाइल नंबर 844779ग्ग्ग्ग् बताया। मोबाइल को ट्रैक किया गया और शशांक पुत्र शम्मी आनंद, निवासी सिक्का किमाया ग्रीन, आईटी पार्क, देहरादून, उत्तराखंड, उम्र 26 साल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया।
लगातार पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने यह लेन-देन अपने दोस्त जानू उर्फ जतिन के कहने पर किया था, बाद में जानू पुत्र बृज मोहन, निवासी इंदर पुरी, बुध नगर, जेजे कॉलोनी, नरायणा, दिल्ली को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, उसने बताया कि उसने यह लेन-देन अपने दोस्त रितेश के कहने पर किया था।
रितेश कुमार पुत्र भगत सिंह, निवासी जेजे कॉलोनी, इंदरपुरी, दिल्ली को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, उसने बताया कि उसने यह लेन-देन अपने दोस्त कार्तिकेय के कहने पर किया था। कार्तिकेय पुत्र योगेश कुमार, निवासी रामा पार्क, मोहन गार्डन, दिल्ली को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। उसने खुलासा किया कि उत्तराखंड से बाहर गए उसके दोस्त अमन को पैसों की जरूरत थी, और उसने उसके लिए लेन-देन किया।

आरोपी कार्तिक की निशानदेही पर आरोपी अमन पुत्र पंकज चौधरी, निवासी रामा पार्क, मोहन गार्डन, दिल्ली, उम्र 25 वर्ष तथा प्रिंस यादव पुत्र राजेंद्र यादव, निवासी निहाल विहार, नांगलोई, दिल्ली, उम्र 20 वर्ष को भी गिरफ्तार किया गया। थाना नजफगढ़ की टीम को जेबकतरों और धोखाधड़ी की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली। अभी तीन अन्य आरोपी डैनी, रितिक, सुमित की गिरफ्तारी होनी बाकी है तथा जांच जारी है।

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