दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी बनी अफगानी

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August 18, 2026

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दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी बनी अफगानी

-सितंबर तिमाही में 9 फीसदी मजबूत हुई, डॉलर के मुकाबले अफगानी की वैल्यू 78.25

काबुल/भावना शर्मा/ – अफगानिस्तान की करेंसी ’अफगानी’ सितंबर तिमाही में दुनिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी रही। इसमें तीन महीनों में 9 फीसदी और एक साल में 14 फीसदी की रैली देखने को मिली है। अभी डॉलर के मुकाबले अफगानी की वैल्यू 78.25 है। सितंबर तिमाही में 3þ मजबूती के साथ दूसरे नंबर पर कोलंबिया की करेंसी पेसो है।
         वहीं सालाना आधार पर ’अफगानी’ तीसरे नंबर पर है। पेसो पहले नंबर पर दूसर नंबर पर श्रीलंकाई रुपए है। जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट कामरान बुखारी ने कहा कि करेंसी की मजबूती शॉर्ट टर्म के लिए है क्योंकि यहां आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता है। तालिबान ने अफगानिस्तान पर 15 अगस्त 2021 में कब्जा किया था।

अफगानी को मजबूत बनाने के लिए तालिबान ने 5 बड़े कदम उठाए हैंः
-स्थानीय लेनदेन में डॉलर और पाकिस्तानी रुपए के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
-देश के बाहर यूएस डॉलर ले जाने पर प्रतिबंध को और ज्यादा कड़ा करना
-ऑनलाइन ट्रेडिंग को अवैध करना और उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान
-मानवीय सहायता के लिए मिले अरबों डॉलर से इकोनॉमी में मजबूती
-पड़ोसियों के साथ बढ़ते व्यापार ने भी अफगानिस्तान करेंसी को मजबूती दी

अफगान करेंसी की मांग बढ़ रही
लंदन में बीएमआई में यूरोप कंट्री रिस्क की हेड अन्विता बसु ने कहा, ’विदेशी मुद्रा लेनदेन पर कड़े प्रतिबंध और ट्रेड में बहुत धीरे-धीरे सुधार से अफगानी की मांग बढ़ रही है।’ उन्होंने कहा कि ’साल के अंत तक अफगानी मौजूदा स्तर पर स्थिर होने की संभावना है।’

तालिबान ने डॉलर विड्रॉल लिमिट बढ़ाई
करेंसी के मजबूत होने के बाद केंद्रीय बैंक ने व्यवसायों के लिए डॉलर विड्रॉल लिमिट 25,000 डॉलर से बढ़ाकर 40,000 डॉलर प्रति माह कर दी है। वहीं इंडिविजुअल्स के लिए इसे प्रति सप्ताह 600 डॉलर कर दिया गया है, जो दो साल पहले 200 डॉलर थी। करेंसी में मजबूती से महंगाई का दबाव कम हुआ है। अफगानिस्तान के लिए इंपोर्ट सस्ता हो गया है।

2025 तक 2 फीसदी से 3 फीसदी की दर से बढ़ेगी इकोनॉमी
वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था इस साल सिकुड़ना बंद कर देगी और 2025 तक 2 फीसदी से 3 फीसदी की ग्रोथ दर्ज करेगी। हालांकि इसने ग्लोबल एड में कमी जैसे जोखिमों की चेतावनी भी दी है।

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