दिवालिया होने के कगार पर श्रीलंका, महामारी के बाद 5 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिवालिया होने के कगार पर श्रीलंका, महामारी के बाद 5 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/श्रीलंका/भावना शर्मा/- श्रीलंका अब दिवालिया होने के कगार पर पंहुच गया। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के नेतृत्व में सरकार मंदी, कोरोना संकट के तत्काल प्रभाव और पर्यटन के नुकसान का सामना कर रही है। जिसकारण उसका विदेशी मुद्रा भंडार रिकार्ड निचले स्तर पर पंहुच गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2022 में श्रीलंका दिवालिया घोषित हो सकता है। देश में इस समय 5 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे पंहुच गये हैं।

श्रीलंका एक गहरे वित्तीय और मानवीय संकट का सामना कर रहा है, क्योंकि वहां मंहगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। खाद्य कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके कारण उसके खजाने समाप्त हो रहे हैं। इसी के साथ आशंका है कि 2022 में श्रीलंका दिवालिया हो सकता है। ये जानकारी द गार्जियन की रिपोर्ट से सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के नेतृत्व में सरकार मंदी, कोरोना संकट के तत्काल प्रभाव और पर्यटन के नुकसान का सामना कर रही है। लेकिन उच्च सरकारी खर्च और कर कटौती से राज्य के राजस्व में कमी, विशाल ऋण चुकौती एक जटिल समस्या बन गई है। चीन और विदेशी मुद्रा भंडार एक दशक में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुच गया हैं।5 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे इस बीच, सरकार द्वारा घरेलू ऋणों और विदेशी बांडों का भुगतान करने के लिए नोट छापने से मंहगाई को और बढ़ावा मिला है। विश्व बैंक का अनुमान है कि महामारी की शुरूआत के बाद से 5 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे आ गए हैं। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में मंहगाई 11.1 प्रतिशत की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई और बढ़ती कीमतों के कारण लोग अब अपने परिवारों का पेट पालने में भी अक्षम हो गए हैं।श्रीलंका में आर्थिक आपात स्थिति घोषित राजपक्षे ने श्रीलंका में आर्थिक आपात स्थिति घोषित की, जिसके बाद सेना को चावल और चीनी सहित आवश्यक वस्तुओं को सुनिश्चित करने की शक्ति दी गई थी, लेकिन उन्होंने लोगों की समस्या को पर्याप्त रूप से कम नहीं किया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox