दिल्ली सरकार के रिलीफ पोर्टल का गरीबों को नही मिल पा रहा फायदा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली सरकार के रिलीफ पोर्टल का गरीबों को नही मिल पा रहा फायदा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ़/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना महामारी के चलते लाॅक डाउन की गई दिल्ली में गरीबों व मजदूरों को खाने का सामान उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार ने राशन वितरण योजना के तहत रिलीफ पोर्टल सेवा आरंभ की थी जिसमें गरीब व मजदूर व्यक्ति सरकार की तरफ से खाने का सामान प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उसे रिलीफ पोर्टल पर जाकर अपना पंजीयन करना होगा। लेकिन इस योजना का लाभ गरीबों को कम और दूसरे ज्यादा उठा रहे हैं जिसे देखते हुए कृषि उत्पाद मार्किट कमेटी के चयनित सदस्य हरेन्द्र सिंघल ने सराकर से इस योजना पर दोबारा विचार करने का सुझाव दिया है। ताकि गरीब व जरूरतमंद तक इस योजना का लाभ पंहुच सके।
उन्होने कहा कि दिल्ली सरकार ने राशन पाने के लिए रिलीफ पोर्टल पर जो शर्ते लगाई है गरीब उन्हे पूरा नही कर पा रहे है। नजफगढ़ क्षेत्र में ज्यादातर मजदूर अनपढ़ है और जो गरीब है उनके पास ऐसे साधन नही है जिससे वह अपना पंजीयन पोर्टल पर कर सके। ऐसे मे ंवह इस योजना का लाभ नही ले पा रहे है और उनकी जगह दूसरे लोग गलत तरीके से इस योजना को हड़प रहे है। उन्होने कहा कि सरकार को इस योजना की सफलता के लिए कुछ ऐसे इंतजाम करने चाहिए थे जिससे गरीब व मजदूर आसानी से पूरा कर सके और सही हकदार के हाथ मं राशन जाये। लोगों की माने तो अगर पंजीयन के लिए किसी साईबर कैफे पर जाते हे तो वह पंजीयन करने के पैसे मांगता है। और गरीबो ंके पास पैसे है नही। वहीं अधिकतर लोग अनपढ़ है जिसकारण वो अपना पंजीयन नही करवा पा रहे है। इससे इस योजना का लाभ उन्हे नही मिल पा रहा है। श्री सिंघल ने कहा कि इन समस्याओं को देखते हुए सरकार को अपनी योजना पर दौबारा विचार करना चाहिए ताकि गरीबों व जरूरतमंदों की सहायता हो सकें।हरेन्द्र सिंघल ने सरकार से इस योजना पर दोबार विचार करने का आग्रह किया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox