
नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- राजधानी दिल्ली में एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत अशोक विहार स्थित जेलरवाला बाग की झुग्गी बस्ती पर बुलडोजर चला। सोमवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई, जिसमें दोपहर तक एक हजार से अधिक झुग्गियों को गिरा दिया गया।

झुग्गियां उजड़ीं, लोग सामान बटोरते रहे
तोड़फोड़ के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से सामान नहीं निकाल पाए। वे मलबे के ढेर में अपने जरूरी सामान को ढूंढते और समेटते नजर आए। क्षेत्र में लगभग दो हजार झुग्गियां बसी थीं, जिनमें से करीब 250 झुग्गियों पर अदालत का स्टे ऑर्डर है, फिर भी पूरे क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति काट दी गई, जिससे वहां रह रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बिना बिजली-पानी जीना मुश्किल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिन झुग्गियों पर कोर्ट का स्टे है, वहां रहने वाले लोग अब बिना बिजली और पानी के कैसे जीवन यापन करेंगे? इतनी भीषण गर्मी में छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या अदालत के आदेशों का पालन करते हुए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकती थी?

प्रशासन मौन, लोग बेघर
बिना किसी पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक हुई इस कार्रवाई ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है। लोगों का आरोप है कि उन्हें न तो कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही कोई सहायता प्रदान की गई। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।





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