दलाई लामा ने उठाया राज से पर्दा, वारिस के सवाल पर बौखलाया चीन

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August 24, 2026

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दलाई लामा ने उठाया राज से पर्दा, वारिस के सवाल पर बौखलाया चीन

तिब्बत/सिमरन मोरया/-  तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा, जिनका नाम विश्व भर में शांति और करुणा के प्रतीक के रूप जाना जाता  है। जल्द ही 90 वर्ष के हो जाएंगे। उनकी बढ़ती उम्र के साथ 15वें दलाई लामा के चयन को लेकर चर्चाएं चारों तरफ है। बता दें कि, यह परंपरा 600 साल पुरानी है, और 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराधिकारी का चयन तिब्बती बौद्ध परंपराओं के अनुसार होगा, जिसमें चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। यह बयान न केवल तिब्बती समुदाय के लिए, बल्कि वैश्विक मंच पर भी महत्वपूर्ण है।

परंपरा के अनुसार होगा चयन
दलाई लामा ने उत्तराधिकारी चयन की जिम्मेदारी गादेन फोडरंग ट्रस्ट को सौंपी है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से तिब्बती बौद्ध परंपराओं के अनुसार होगी और इसमें चीन का कोई हाथ नहीं होगा । 2011 में की गई एक बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि तब यह निर्णय लिया गया था कि दलाई लामा संस्थान को भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। साथ ही दलाई लामा ने कहा कि जब वह 90 वर्ष की आयु के करीब होंगे, तब वह तिब्बती बौद्ध धर्म के उच्च लामाओं, तिब्बती जनता और अन्य संबंधित लोगों से सलाह लेंगे ताकि संस्था के भविष्य पर विचार किया जा सके।

चीन की भूमिका पर सख्त रुख
दलाई लामा के इस बयान ने चीन की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराधिकारी चयन में चीन का किसी भी तरह से इंटरफेरेंस स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह बयान तिब्बत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को और गहरा सकता है। दलाई लामा ने तिब्बती जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह रुख अपनाया है।

तिब्बती जनता की अपील
दलाई लामा ने बताया कि तिब्बत के लोगों, निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्यों, आध्यात्मिक नेताओं और गैर-सरकारी संगठनों ने पत्र लिखकर संस्था को जारी रखने की अपील की है। इस अपील में तिब्बती बौद्ध धर्म की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने की जरूरत पर जोर दिया गया। दलाई लामा का यह बयान तिब्बती समुदाय के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।

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