जम्मू कश्मीर/अनीशा चौहान/- जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी है। पहाड़ों से आए तेज सैलाब ने इलाके में हाहाकार मचा दिया, जिससे कम से कम 10 मकान बह गए। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से लोग संभल भी नहीं पाए और कई परिवार प्रभावित हो गए। स्थानीय प्रशासन, सेना, NDRF और SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन खराब मौसम और भूस्खलन इन प्रयासों में बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं।

अचानक बाढ़ जैसे हालात
बादल फटने के बाद डोडा जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। तेज बारिश और पहाड़ों से आए मलबे ने नदी-नालों का रुख बदल दिया। कई सड़कें और अन्य ढांचे तबाह हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सैलाब इतनी तेजी से आया कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। अब तक 10 मकान पूरी तरह से बह चुके हैं। कई लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि मौतों की आशंका भी जताई जा रही है। प्रभावित इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गए हैं।
रेस्क्यू और राहत कार्य
आपदा की जानकारी मिलते ही जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। सेना की डेल्टा फोर्स भी बचाव कार्य में सहयोग कर रही है। हेलीकॉप्टरों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने की कोशिश हो रही है। हालांकि लगातार हो रही बारिश और सड़कों के बह जाने से राहत दल को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ बचाव दल पैदल ही प्रभावित गांवों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।


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