टीएमसी कार्यकर्ताओं पर गैंगरेप का आरोप, महिलाओं ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

टीएमसी कार्यकर्ताओं पर गैंगरेप का आरोप, महिलाओं ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

-पीड़िताओं ने पुलिस की निष्क्रियता की एसआईटी से जांच कराने की मांग की

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/पश्चिमी बंगाल/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- चुनावों के बाद पश्चिमी बंगाल हिंसा के दौरान कुछ जगहों पर महिलाओ ने अपने साथ टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा गैंगरेप करने के आरोप लगाये है। इस मामले में इंसाफ के लिए महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिलाओं ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्य में टीएमसी की सरकार है और पीड़िताओं को राज्य सरकार व पुलिस की कथित निष्क्रियता के चलते न्याय पाने की उम्मीद नहीं है इसलिए उन्होंने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पीड़ित महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में गोधरा कांड के बाद सर्वोच्च न्यायालय की ओर से की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बंगाल में हुई गैंगरेप और हिंसा की घटनाओं की एसआईटी द्वारा जांच कराए जाने की मांग की है।
                      पश्चिम बंगाल से चैंका देने वाली खबर सामने आई है। राज्य की कुछ महिलाओं ने विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान खुद के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की बात कही है। याचिकाकर्ता महिलाओं में एक 60 साल की बुजुर्ग महिला भी हैं। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल के 5 कार्यकर्ता उनके पूर्वी मेदिनीपुर स्थित घर में घुस गए और उनके 6 साल के नाती के सामने उनका गैंगरेप किया। महिला के अनुसार 4 और 5 मई के बीच देर रात हुई इस घटना में उन्होंने घर की सभी कीमती चीजें भी लूट लीं। महिला ने सुप्रीम कोर्ट में दी अपनी याचिका में बताया कि खेजुरी विधानसभा सीट पर भाजपा के जीतने के बावजूद 100 से 200 टीएमसी कार्यकर्ताओं की भीड़ ने 3 मई को उनके घर को घेर लिया था। हिंसा के दौरान भीड़ ने उनके घर को बम से उड़ाने की धमकी भी दी थी। इस घटना के बाद उनकी बहू ने अगले दिन ही घर छोड़ दिया था।
                         बुजुर्ग महिला ने याचिका में बताया कि पड़ोसियों ने अगले दिन उन्हें बेहोशी की हालत में पाया और अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने कहा कि जब उनके दामाद ने पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने इस बात को नजरंदाज कर दिया। पीड़िता ने कोर्ट से कहा कि टीएमसी के कार्यकर्ता बदला लेने के लिए इरादे से बलात्कार को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। बुजुर्ग महिला के अलावा अनुसूचित जनजाति की एक 17 साल की नाबालिग लड़की ने भी अपने साथ किए गए गैंगरेप के मामले में इंसाफ पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है। पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा उसके साथ किए गए गैंगरेप की घटना व मामलों में पुलिस की कथित निष्क्रियता की एसआईटी या सीबीआई से जांच कराई जाए। महिलाओं ने यह मांग भी की है कि मामले का ट्रायल शहर से बाहर किया जाए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox