जेपी जंयती पर दो समाजवादी आमने-सामने, अखिलेश यादव के बयान पर जदयू भड़की

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

जेपी जंयती पर दो समाजवादी आमने-सामने, अखिलेश यादव के बयान पर जदयू भड़की

मानसी शर्मा /- उत्तर प्रदेश की राजनीतिक आग अब बिहार पहुंच चुकी है। लखनऊ की सड़कों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक ऐसा बयान दिया, जिससे बिहार की राजनीतिक हवा गर्म हो गई। दरअसल, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जंयती के अवसर पर सपा प्रमुख को यूपी पुलिस ने JPNICजाने से रोक दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपने आवास के बाहर ही मुर्ति पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने सरकार को संविधान विरोधी बताया। साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एक अपील भी कर डाली। जिसके बाद अब जनता दल यूनाइटेड अखिलेश यादव पर भड़क गई है। बता दें, अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार से कहा कि वो भाजपा से गठबंधन तोड़ ले।

अखिलेश यादव पर भड़की जदयू

अखिलेश के बयान पर पलटवार करते हुये जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा,’अखिलेश को अखिलेश को गठबंधन तोड़ने की सलाह देने के बजाए खुद आत्ममंथन करना चाहिए। अखिलेश यादव ने जेपी के जीवन मूल्यों को किस हद तक अपनाया है? जय प्रकाश लोकतंत्र की बात करते थे अखिलेश यादव के यहां सिर्फ आंतरिक लोकतंत्र है। विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा समेत सभी मुख्य पदों पर अपने परिवार के लोगों को बैठा रखा है। नीतीश कुमार जेपी के सच्चे सिपाही हैं और बिहार में समन्वय के साथ गठबंधन चल रहा है।’

अखिलेश यादव ने क्या कहा था?

दरअसल, लखनऊ में राजनीतिक हलचल गुरुवार देर रात से ही शुरु हो गई थी। जब JPNIC को टीन शेड से घेरा जा रहा था। अचानक अखिलेश यादव मौके पर पहुंच कर सरकार को घेरा। फिर शुक्रवार को 10 बजे उसी जगह माल्यार्पण करने का ऐलान कर दिया। शुक्रवार को अखिलेश यादव का आवास पुलिस ने छावनी बना दी थी। जिसके बाद घर के बाहर ही जेपी की मुर्ति मंगवाकर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान उन्होंने यूपी सरकार को समाजवादियों का विरोधी बताया। साथ ही उन्होंने कहा, “बहुत से समाजवादी लोग मोदी सरकार को चला रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी जय प्रकाश नारायण के आंदोलन से निकले।यह नीतीश कुमार के लिए मौका है कि वो ऐसी सरकार से समर्थन वापस लें जो समाजवादियों को जय प्रकाश नारायण की जयंती पर श्रद्धांजलि नहीं देने दे रही।”

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox