जस्टिस यशवंत वर्मा केस में हुआ बड़ा खुलासा, हाई कोर्ट ने लिया फैसला

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September 25, 2026

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जस्टिस यशवंत वर्मा केस में हुआ बड़ा खुलासा, हाई कोर्ट ने लिया फैसला

- कोर्ट की सुनवाई से वर्मा को किया अलग - स्टोररूम मेरे घर का हिस्सा नहीं, न ही वहां मिली नकदी मेरी- यशवंत वर्मा

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर आग में जले नोटों के बंडलों के वीडियो और फोटो सामने आने के बाद नए खुलासे होने लगे हैं। उनके घर के बाहर सफाई करने वाले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें 4-5 दिन पहले 500-500 रुपए के अधजले नोट मिले। नोट सड़क पर बिखरे पत्तों के बीच पड़े थे।

सफाईकर्मी ने किया खुलासा
इलाके के सफाई कर्मचारी इंद्रजीत ने बताया कि हम 4-5 दिन पहले कूड़ा इकट्ठा कर रहे थे। हमें 500 रुपए के जले हुए नोटों के 1-2 छोटे टुकड़े मिले। एक अन्य सफाई कर्मचारी सुरेंद्र ने कहा कि हमें 4-5 दिन पहले जले हुए नोट मिले थे।

दिल्ली HC ने पुलिस से मांगा विवरण
सीजेआई के आदेश के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जस्टिस वर्मा के अधिकारी कर्मचारियों, निजी सुरक्षा अधिकारियों और पिछले छह माह के दौरान उनके आवास पर तैनात सुरक्षा गार्डों का विवरण मांगा है। छह माह के जस्टिस वर्मा के आधिकारिक या अन्य मोबाइल फोन नंबरों की कॉल डिटेल उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

14 मार्च को घर पर लगी थी आग
बता दें कि होली के दिन 14 मार्च को उनके घर में आग लग गई थी। फायर सर्विस की टीम उसे बुझाने गई तो स्टोर रूम में बोरियों में भरे 500-500 रुपए के अधजले नोट मिले। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार रात जस्टिस वर्मा के घर से मिले अधजले नोटों के वीडियो, फोटो और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी थी।

‘इस्तीफा दें…ताकि बना रहे आम आदमी का विश्वास’
बीजेपी नेता और मशहूर वकील वकील उज्जवल निकम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पूरा मामला सार्वजनिक कर पारदर्शी काम किया है। मामले की पूरी तरह जांच होनी चाहिए। आम आदमी का विश्वास बना रहे, इसके लिए जस्टिस यशवंत वर्मा को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह किसी प्रतिष्ठान या संस्था की विश्वसनीयता को कम करता है।

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