
मानसी शर्मा/- पूरे देश में 26जनवरी को गणतंत्र दिवस का जश्न मनाएगा। इस जश्न में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीन बैगा आदिवासी परिवारों को निमंत्रण भेजा है। इनमें एक परिवार जगातिन बैगा और उनके पिता फूल सिंह का है।न्योता मिलने के बाद से ही उनका परिवार बहुत खुश है और दिल्ली जाने की तैयारियां कर रहा है। फूल सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी दिल्ली नहीं देखा। इसलिए यह अनुभव उनके लिए खास होगा।
प्रधानंमत्री आवास का करेंगे दौरा
मिली जानकारी के अनुसार, गणतंत्र दिवस की परेड का गवाह बनने के लिए तीनों परिवार दिल्ली जाएगा। बताया जा रहा है कि ये परिवार गणतंत्र दिवस पर केवल परेड ही नहीं देखेंगे, बल्कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी करेंगे। इसी के साथ वे राष्ट्रपति के साथ भोजन भी करेंगे। इसके अलावा प्रधानंमत्री आवास और संसद जैसे प्रमुख जगह का दौरा भी करेंगे।
कैसा है बैगा जनजाति का जीवन?
बता दें, बैगा जनजाति विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी में शामिल किया गया है। लेकिन अभी भी इस समुदाय को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि आजादी के इतने साल बाद भी इनके कई गांवों का विकास नहीं हो पाया है।
एक सर्वेक्षण के मुताबिक बैगा जनजाति की साक्षरता दर 53.97फीसदी है। इसमे पुरुष साक्षरता दर 60.7 8फीसदी और महिला साक्षरता दर 47.10फीसदी है। बैगा जनजाति छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य क्षेत्र में रहने वाली जनजाति है। मुख्य रूप से ये लोग कबीरधाम जिले के बोडला एवं पण्डरिया विकासखंड, बिलासपुर जिले के कोटा एवं तखतपुर विकासखंड जैसे ग्रामों में रहते है।बता दें, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद भी आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। इसलिए उनके इस कदम को आदिवासी समाज के लिए एक बड़ी पहल माना जा रहा है।





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