घुम्मनहेड़ा में उद्घाटन के 4 दिन बाद ही गिरने लगा एमपीसीसी हाल की दिवारों से प्लास्टर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 29, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

घुम्मनहेड़ा में उद्घाटन के 4 दिन बाद ही गिरने लगा एमपीसीसी हाल की दिवारों से प्लास्टर

-लोगों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, मटियाला विधायक नही दे रहे जवाब, ठेकेदार ने कहा विधायक से पूछो

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मटियाला/शिव कुमार यादव/- ईमानदारी व उच्चगुणवत्ता का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के विकास कार्यों पर अब उंगली उठनी शुरू हो गई है। मामला मटियाला विधानसभा के कांगनहेड़ी गांव का है, जहां एमपीसीसी हाल के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आ रहा है। ग्रामीण इस मामले में विधायक व ठेकेदार पर संगीन आरोप लगा रहे है। लेकिन विधायक गुलाब सिंह इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नही है जबकि ठेकेदार इस मामले में विधायक से पूछने की बात कह रहे हैं।

घुम्मनहेड़ा गांव में उद्घाटन कें 4 दिन बाद ही एमपीसीसी हाल की दीवारों से प्लास्टर गिरने का मामला अब तूल पकड़ गया है। ग्रामीण इस मामले हुए भ्रष्टाचार को उजागर कर प्रशासन से जांच की मांग कर रहे है। लोगों की माने तो एमपीसीसी हाल की दिवारें अभी से टूटने लगी है। जगह-जगह प्लास्टर गिर रहा है। फिर भी विधायक व अधिकारी विकास का व ईमानदारी का राग अलाप रहे हैं। लोगों का कहना है कि इससे भी बड़ी विडंबना क्या हो सकती है कि उद्घाटन के ठीक 4 दिन बाद ही अगर एमपीसीसी हॉल की दीवारें गिरने लगे तो इससे बुरा क्या हो सकता है। आखिर इसमें किस सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले में सरकार से जांच कराने की मांग की है।

यहां बता दें कि पूरा मामला मटियाला विधानसभा के अंतर्गत आने वाले गांव कंगन हेड़ी गांव का है। गांव में आम आदमी पार्टी के विधायक गुलाब सिंह यादव द्वारा फ्लड डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक एमपीसीसी हॉल का उद्घाटन किया गया और उद्घाटन के ठीक 4 दिन बाद ही हॉल की दीवारें गिरने लगी। ऐसे में कुछ सवाल जरूर खड़ा हुआ ठेकेदार से बातचीत करने की कोशिश की गई तो ठेकेदार ने साफ साफ शब्दों में कहा कि अधिकारियों को इस मामले की जानकारी जरूर है और अधिक जानकारी लेनी है तो विधायक से पूछ लें। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि अगर अधिकारियों को मामले की जानकारी थी तो इसके बावजूद भी आखिर इस पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई। इस संबंध में विधायक से भी मिलने की कोशिश गई लेकिन उनसे बात नही हो पाई। वहीं बाढ़ विभाग के तमाम अधिकारी इस मामले में लीपापोती करते दिखाई दिये और उनका ढुलमुल रवैया इस बात को साफ-साफ साबित करता है कि दाल में कुछ काला है या पूरी दाल ही काली है आखिर कब तक चलेगा यह भ्रष्टाचार का खेल। अब ग्रामीणों ने सीएम अरविंद केजरीवाल का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox