गोवा के लैराई जात्रा में भगदड़, 6 की मौत और 30 से अधिक घायल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

गोवा के लैराई जात्रा में भगदड़, 6 की मौत और 30 से अधिक घायल

शिरगांव/गोवा/अनीशा चौहान/-  गोवा के प्रसिद्ध धार्मिक उत्सव श्री लैराई जात्रा के दौरान शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। बिचोलिम तालुका स्थित लैराई देवी मंदिर में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त मंदिर परिसर में करीब 50,000 श्रद्धालु मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ढलान वाले स्थान पर भीड़ अचानक तेजी से बढ़ने लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। इससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। घायलों को तुरंत गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) और नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल, मापुसा में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, दिए राहत के निर्देश
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने मापुसा और बिचोलिम अस्पताल का दौरा कर घायलों से मुलाकात की और चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी न होने देने के निर्देश दिए।
नॉर्थ गोवा के एसपी अक्षत कौशल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भगदड़ की परिस्थितियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

क्या है लैराई जात्रा?
श्री लैराई जात्रा, गोवा का एक प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है, जो हर साल चैत्र मास (मार्च-अप्रैल) में लैराई देवी के सम्मान में शिरगांव में आयोजित होता है। यह उत्सव कई दिनों तक चलता है और हजारों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं।

इस जात्रा की सबसे विशेष परंपरा “धोंड” अनुष्ठान है, जिसमें श्रद्धालु जलते हुए अंगारों पर नंगे पांव चलकर आस्था की परीक्षा देते हैं। यह अग्नि अनुष्ठान आध्यात्मिक शुद्धता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। हर साल देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस अनुष्ठान में भाग लेने के लिए गोवा पहुंचते हैं।

यह घटना जहाँ एक ओर धार्मिक आस्था की गहराई को दिखाती है, वहीं प्रशासन के लिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर गहन समीक्षा की आवश्यकता को भी उजागर करती है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox