खैबर पख्तूनख्वा में TTP का अटैक, कर्नल और मेजर समेत 11 सैनिकों की मौत

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August 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

खैबर पख्तूनख्वा में TTP का अटैक, कर्नल और मेजर समेत 11 सैनिकों की मौत

मानसी शर्मा/-    पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर आतंकवाद ने खूनी चेहरा दिखाया है। ओरकजई जिले में अफगान सीमा के पास हुए एक भीषण हमले में पाकिस्तान सेना के 11जवानों की जान चली गई, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर भी शामिल हैं। सेना की मीडिया शाखा ISPR के अनुसार, यह ऑपरेशन 7-8 अक्टूबर की रात को “फितना अल-खवारिज” से जुड़े आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर शुरू किया गया था। हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है।
जवाबी कार्रवाई में 19 आतंकी मारे गए

ISPR ने बताया कि सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच लंबे समय तक मुठभेड़ चली, जिसमें 19 आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। “फितना अल-खवारिज” शब्द का उपयोग पाकिस्तान सरकार TTP के लिए करती है। घटनास्थल पर तलाशी अभियान अब भी जारी है ताकि किसी छिपे हुए आतंकी को पकड़ा या मारा जा सके। यह हमला पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी गतिविधियों की एक और खतरनाक मिसाल है, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

TTP की बढ़ती ताकत और आंकड़ों की चेतावनी

सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ (CRSS) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की तीसरी तिमाही में खैबर पख्तूनख्वा सबसे ज्यादा हिंसा झेलने वाला क्षेत्र रहा, जहां 71% मौतें और 67% हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं। TTP की जड़ें अफगान तालिबान से जुड़ी हैं, लेकिन संगठन पाकिस्तान में स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। बैतुल्लाह महसूद द्वारा स्थापित यह संगठन 2020 के बाद कई बिखरे गुटों को जोड़कर पहले से अधिक आक्रामक हो चुका है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में।

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