
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- विदेशों की तर्ज पर अब भारत में भी अलग-अलग वैक्सीनों को मिलाकर उन पर शोध जारी है। आईसीएमआर ने एक शोध में भारतीय वैक्सीनों की मिक्सिंग के सकारात्मक नतीजे मिलने का दावा किया हैं। आईसीएमआर का मानना है कि यदि कोवैक्सीन और कोविशील्ड टीकों की मिक्स डोज पर हुई स्टडी के नतीजे को ध्यान में रखकर सरकार ने इसे अनुमति दी तो कोरोना से लड़ाई के मायने ही बदल जायेगे और हम कोरोना पर काफी हद तक विजय पा लेंगे। अब तक के शोध में दोनो की मिक्स डोज के नतीजे शानदार रहे हैं। रिसर्च में इन दोनों वैक्सीन के मिलाने से यह न सिर्फ वायरस के खिलाफ सुरक्षित पाया गया, बल्कि इससे बेहतर इम्युनिटी भी हासिल हुई.
एक सूत्र ने बताया था कि विषय विशेषज्ञ समिति के साथ मंथन के बाद वेल्लोर के सीएमसी को चौथे चरण का क्लिनिकल परीक्षण करने की अनुमति देने की सिफारिश की गई थी जिसमें कोविड-19 टीकों, कोवैक्सिन और कोविशील्ड के मिश्रण पर अध्ययन करने के लिए 300 स्वस्थ वालंटियर्स को शामिल किया गया था। एक्सपर्ट कमेटी ने बायोलोजिकल-ई द्वारा पांच से 17 साल के उम्र की आबादी पर अपने कोविड-19 टीके का दूसरे/तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण करने के लिए दिए गए आवेदन पर भी चर्चा की थी।
भारत की दोनों स्वदेशी वैक्सीन बेहतर हैं. करोड़ों लोगों को ये टीके लगने से पहले ट्रायल के दौरान भी कोविशील्ड और कोवैक्सीन के नतीजे बेहद शानदार रहे थे। यानी हेल्थ वर्कर्स को जब देश में ये टीके लग रहे तो उस दौर में भी इनसे मिला इम्यून रिस्पॉन्स अच्छा था।


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