कोतवाली थाना के स्पेशल स्टाफ टीम ने 24 घंटे के अंदर सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस

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September 8, 2026

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कोतवाली थाना के स्पेशल स्टाफ टीम ने 24 घंटे के अंदर सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस

-टीम ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से हत्याकांड मामले को सुलझाया -उधार पैसे समय से न देने पर आरोपियों ने योजना के साथ व्यक्ति की हत्या कर दी

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- उत्तरी जिले के कोतवाली थाना की स्पेशल स्टाफ टीम ने ब्लाइंड मर्डर केस को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड मामले को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सुलझाया है। समय पर उधार के पैसे ना देने पर आरोपियों ने योजना के साथ व्यक्ति की हत्या कर दी।

उत्तरी जिले के डीसीपी मनोज कुमार मीणा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 5-07-2024 को कोतवाली थाने में एक कॉल के द्वारा मर्डर की सूचना मिली, जिसमें कॉलर ने बताया कि पुरानी दिल्ली, रेलवे स्टेशन, दंगल मैदान, पार्किंग के पास किसी ने मेरे रिश्तेदार की हत्या कर दी है। उत्तरी जिला क्राइम टीम सूचना मिलते ही तुरंत घटनास्थल पर शव के पास पहुंची। एफएसएल टीम द्वारा शव को अपने कब्जे में ले लिया और और मृतक के शरीर को सब्जी मंडी, मुर्दा घर में सुरक्षित रखवाया गया। मामले को गंभीरता से देखते हुए कोतवाली थाना और उत्तरी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम का गठन किया गया। जिसमें उत्तरी जिले के डीसीपी के नेतृत्व में एसएचओ जतन सिंह और इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, इंस्पेक्टर ज्ञान प्रकाश, एसआई योगेश, एसआई सनी, एसआई आकाशदीप, एचसी नरेंद्र, एचसी मनीष, एचसी नंदकिशोर, सीटी पूरन, सिपाही अमित देशवाल, सिपाही राहुल, नवीन खत्री और सिपाही देवीलाल की टीम का गठन किया गया, तो वहीं दूसरी तरफ उत्तरी जिले की दूसरी स्पेशल स्टाफ टीम जिसमें इंस्पेक्टर के नेतृत्व में श्री धर्मेंद्र कुमार एसीपी, प्रभारी रोहित श्रीवास्तव एसआई योगेंद्र, सिटी सचिन सिटी राकेश और सिटी कुलदीप की टीम बनाई गई। समय को मद्देनजर रखते हुए पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे का विश्लेषण किया और गुप्त मुखबिरों को काम पर लगा दिया गया। टीम को एक गुप्त सूचना मिली कि 4-07-2024 को मृतक गौरव ठाकुर को शाम के समय चंद्रपाल भाटी के साथ देखा गया था। इसके बाद टीम ने जांच शुरू कर दी। संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर और उसका विश्लेषण करने पर यह पता चला कि उनके मोबाइल फोन बंद थे। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जगहों पर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। जाल बिछाने के बाद आखिरकार टीम को आरोपियों की गुप्त सूचना मिली, पुलिस ने तीनों संदिग्धों को दिल्ली के सीमापुरी और उत्तर के साहिबाबाद से गिरफ्तार किया।

पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना नाम चंद्रपाल भाटी, विनय भाटी और ओमवीर सिंह भाटी के रूप में बताई। तीनों आरोपी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। लगातार पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि मृतक गौरव ठाकुर ने 250000 रुपए उधार लिए थे और फिर वापस नहीं किए। बार-बार पैसे मांगने पर गौरव से उनका झगड़ा भी हो चुका था। चंद्रपाल भाटी ने अपने दोस्त ओमवीर और विनय के साथ मिलकर गौरव ठाकुर को मारने की योजना बनाई। उन्होंने खुलासा किया कि गौरव को शराब के बहाने घटना स्थल पर बुलाया और देसी हथियारों से गौरव की हत्या कर दी। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई एक कार और हथियार की बरामद। आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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