कर्नाटक में 80 साल के येदि को फिर भाजपा की कमान, भाजपा की मजबूरी या कुछ और

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कर्नाटक में 80 साल के येदि को फिर भाजपा की कमान, भाजपा की मजबूरी या कुछ और

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा की सरकार ने बड़ा दांव खेला है। भाजपा आलाकमान ने एक बार फिर कर्नाटक चुनाव में भाजपा की कमान 80 साल के युदियुरप्पा को सौंप दी है। वहीं मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली सरकार ने मुसलमानों के लिए आवंटित 4 प्रतिशत आरक्षण को खत्म कर दिया है। इसके साथ ही राज्य के आरक्षण कोटा में बड़े बदलाव किए हैं। अब एससी को 17 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। लिंगायत-वोक्कालिगा समुदाय के लिए आरक्षण में बढ़ोतरी की गई है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में बोम्मई सरकार ने आरक्षण कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 56 प्रतिशत कर दिया है।
                  जानकारी के मुताबिक, सरकार ने मुसलमानों के लिए 4 फीसदी ओबीसी आरक्षण को भी खत्म करने का फैसला किया है। उन्हें अब 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी में ले जाया जाएगा। नए फेरबदल के साथ अब मुसलमानों को ईडब्ल्यूएस कोटे का लाभ मिलेगा, जिसमें ब्राह्मण, वैश्य, मुदलियार, जैन और अन्य समाज शामिल हैं।

केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी सिफारिशें
कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम बोम्मई ने कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों का कोटा समाप्त कर दिया गया है। आगे बिना किसी बदलाव के ईडब्ल्यूएस ग्रुप के 10 प्रतिशत पूल में शामिल किया जाएगा। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा दिया जाने वाला ईडब्ल्यूएस कोटा 10 फीसदी है. अब ये नई सिफारिशें राज्य द्वारा केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही लागू कर दी जाएंगी।

एससी समुदाय का आरक्षण भी बढ़ाया गया
सरकार ने यह भी फैसला किया है कि मुसलमानों का 4 प्रतिशत कोटा अब वोक्कालिगा (2 प्रतिशत) और लिंगायत (2 प्रतिशत) को दिया जाएगा, जिनके लिए पिछले साल बेलगावी विधानसभा सत्र के दौरान 2सी और 2डी की दो नई आरक्षण श्रेणियां बनाई गई थीं। इसके अतिरिक्त, कर्नाटक सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षण 15 से 17 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 3 से 7 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
                सरकार के मुताबिक, चार फीसदी (अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण) को 2सी और 2डी के बीच दो हिस्सों में बांटा जाएगा। वोक्कालिगा और अन्य के लिए चार प्रतिशत आरक्षण बढ़कर छह प्रतिशत हो जाएगा और वीरशैव पंचमसाली और अन्य (लिंगायत), जिन्हें पांच प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, उन्हें अब सात प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

राज्य में पहले कोटा को लेकर यह स्थिति थी…
-श्रेणी 1 (पिछड़ा वर्ग) 4 फीसदी
-श्रेणी 2ए (ओबीसी) 15 फीसदी
-श्रेणी 2बी (मुस्लिम) 4 फीसदी
-श्रेणी 3ए (वोक्कालिगा आदि) 4 फीसदी
-श्रेणी 3बी (पंचमशाली लिंगायत, मराठा, बंट, ईसाई समेत लिंगायत) 5 फीसदी
-अनुसूचित जाति 15 फीसदी
-एसटी 3 फीसदी
कुल 50 फीसदी

कैबिनेट बैठक के बाद वर्तमान सिफारिशें…
-श्रेणी 1 (पिछड़ा वर्ग) 4 फीसदी
-श्रेणी 2ए (ओबीसी) 15 फीसदी
-श्रेणी 2बी 0 फीसदी
-श्रेणी 2सी (वोक्कालिगा, आदि) 6 फीसदी
-श्रेणी 2डी (पंचमशाली लिंगायत, मराठा, बंट, ईसाई सहित लिंगायत) 7 फीसदी
-अनुसूचित जाति 17 फीसदी
-एसटी 7 फीसदी
कुल 56 फीसदी

आरक्षण में क्या बदलाव हुए हैं?
-एससी 15 फीसदी से 17 फीसदी तक हो गया
-एसटी 3 फीसदी से 7 फीसदी तक हो गया है
मुसलमानों को 2बी से हटा दिया गया, उन्हें 4 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा था. अब उन्हें ईडब्ल्यूएस कोटे में रखा जाएगा। उनके 4 फीसदी आरक्षण को 2सी के तहत वोक्कालिगा को 2 फीसदी और 2डी के तहत लिंगायतों को 2 फीसदी दिया जाएगा।

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