एससी ने किसान आंदोलन से कोरोना संक्रमण फैलने की जताई चिंता, सरकार से मांगा जवाब

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एससी ने किसान आंदोलन से कोरोना संक्रमण फैलने की जताई चिंता, सरकार से मांगा जवाब

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- किसान आंदोलन में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका के तहत उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को चिंता जताई। अदालत ने केंद्र से पूछा कि क्या किसान आंदोलन में कोरोना के नियमों का पालन किया जा सकता है। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि हमें नहीं पता कि किसान कोरोना से सुरक्षित हैं या नहीं। यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो तबलीगी जमात की तरह दिक्कत हो सकती है।
अदालत ने यह बातें निजामुद्दीन स्थित मरकज केस और कोविड लॉकडाउन के दौरान भीड़ इकट्ठा करने की इजाजत देने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहीं। याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार ने निजामुद्दीन मरकज में विदेशी प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति देकर लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि आप हमें बताएं कि क्या हो रहा है? मुझे नहीं पता कि किसान कोविड से सुरक्षित हैं या नहीं, किसानों के विरोध प्रदर्शन में भी यही समस्या उत्पन्न हो सकती है। अदालत के सवाल पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम हालात के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।
वहीं याचिकाकर्ता के वकील परिहार ने कहा कि मौलाना साद का अभी तक पता नहीं चल सका है। उनके ठिकाने के बारे में कोई बयान नहीं दिया गया है। इसपर सीजेआई ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना न फैले और जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने केंद्र से पूछा कि विरोध कर रहे किसान क्या कोविड के प्रसार को रोकने के लिए एहतियातन कदम उठा रहे हैं? आपने मरकज की घटना से क्या सीखा है? कोरोना से बचाव सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? अदालत ने केंद्र से इन सवालों के दो हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox