हजारों किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, कहा- गणतंत्र दिवस की कर रहे रिहर्सल

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हजारों किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, कहा- गणतंत्र दिवस की कर रहे रिहर्सल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पूर्व घोषणा के तहत किसानों ने वीरवर को हजारों की संख्या में केएमपी पर ट्रैक्टर मार्च निकालकर अपने इरादे जाहिर कर दिये है। वहीं भाकियू नेता ने तो प्रदर्शन के दोरान यहां तक कह दिया कि किसान 2024 तक आंदोलन को तैयार है। वहीं कुछ नेताओं ने कहा कि अभी तो यह गणतंत्र दिवस की रिहर्सल है बाद में इंडिया गेट पर भी किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।
कृषि के तीन नए कानूनों को निरस्त कराने की मांग को लेकर दिल्ली की तमाम सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे अन्नदाताओं का आंदोलन आज 43वें दिन में प्रवेश कर रहा है। हड्डियां गला देने वाली ठंड और बारिश के बीच डटे किसान किसी कीमत पर अपनी मांगें बिना मनवाए वापस जाने के मूड में नहीं हैं। सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए आज 40 किसान संगठनों ने केएमपी पर ट्रैक्टर मार्च निकालकर अपने इरादे जाहिर कर दिये है।इस मार्च में हजारों किसानों ने शिरकत की है। किसानों के इस मार्च को देखते हुए दिल्ली के बॉर्डर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं आज भी दिल्ली के कई रास्ते बंद रहें। वहीं किसानों के आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से तैयार है। पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड लगाए हैं और वाहन चालकों को केजीपी-केएमपी तक जाने से पहले ही दूसरे मार्गों से गुजारा जा रहा है। किसानों के ट्रैक्टर कुंडली की तरफ लगातार जा रहे हैं। गोहाना के साथ ही अन्य स्थानों से ट्रैक्टर केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट पर पहुंचे हैं।

26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के लिए महिला सीख रही ट्रैक्टर चलाना
26 जनवरी को किसानों की परेड मार्च में भाग लेने के लिए जींद में एक महिला ट्रैक्टर चलाना सीख रही है। महिला ने कहा, 26 जनवरी को दिल्ली पहुंचेंगे। अगर सरकार नहीं मानेगी तो ट्रैक्टर-ट्राली लेकर परेड करेंगे, जिसके लिए हम ट्रेनिंग ले रहे हैं। हम बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे।
 
मई 2024 तक आंदोलन को हैं तैयार- राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम किसान मई 2024 तक आंदोलन के लिए तैयार हैं। जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मानेगी तब तक हम यहां आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

तीन कृषि कानून कृषि क्षेत्र का निजीकरण करना हैः कमलनाथ
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आज एक आयोजन के दौरान कहा कि, आजादी के बाद आरएसएस और जनसंघ की सोच निजीकरण की थी। जनसंघ ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण का विरोध किया था। ये इतिहास है, मेरी सोच नहीं है। जब कोयले के खादानों का राष्ट्रीयकरण किया तो जनसंघ ने इसका विरोध किया। ये इनकी सोच थी। तीन कानून हमारे कृषि क्षेत्र का निजीकरण करना है।
 
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक को डायवर्ट किया
किसानों की ट्रैक्टर रैली के चलते ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। डासना पर आईजी, डीएम, एसएसपी व एसपी सिटी ने संभाला व्यवस्थाओं का जिम्मा।

टिकरी बॉर्डर पर युवा किसानों का अर्धनग्न प्रदर्शन
युवा किसानों ने टिकरी बॉर्डर पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और कृषि कानूनों और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

बुराड़ी में भी किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली
दिल्ली के बुराड़ी में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भी ट्रैक्टर मार्च निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।

बॉर्डर पर बैठ महिला किसान टीवी देख ले रहीं मार्च का हाल
हाईवे पर डीजे की धुन पर किसान नाचते गाते जा रहे हैं। वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रही महिला किसान काम करते हुए टीवी देख कर ट्रैक्टर मार्च का हाल जान रही हैं।

पलवल से सिंघु बॉर्डर के लिए किसान रवाना
पलवल से सिंघु बॉर्डर की ओर किसानों का जत्था रवाना हो रहा है। उनके साथ पुलिस बल भी चल रहा है।
 
144 ट्रैक्टर और 44 कार व 30 बाइक जा रहे पलवल
ट्रैक्टर रैली में 144 ट्रैक्टर और 44 कार व 30 बाइक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से पलवल की ओर जा रहे हैं।

डासना में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से किसानों की ट्रैक्टर रैली का काफिला गुजरा तो डासना पर कुछ देर जाम की स्थिति रही। हालांकि पुलिस ने जल्द ही रास्ता खुलवा दिया।

गुरुग्राम में धरना दे रहे किसानों भी निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च
गुरुग्राम में धरना दे रहे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने भी ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय लिया है और धरनास्थल पर करीब एक दर्जन ट्रैक्टर खड़े हैं जो आगे जाने का इंतजार कर रहे हैं।

केएमपी मौजपुर से शुरू हुआ ट्रैक्टर मार्च
किसानों के ट्रैक्टर मार्च को सफल बनाने के लिए केजीपी-केएमपी के पास तीन हजार से अधिक ट्रैक्टर लेकर किसान एकत्रित हुए जिसके बाद यहां से किसानों का मार्च शुरू हो चुका है। पंजाब के साथ ही हरियाणा से भी हजारों किसान ट्रैक्टर लेकर केएमपी-केजीपी गोलचक्र से निकल चुके हैं।

गाजीपुर बॉर्डरः मार्च में 119 ट्रैक्टर, 15 कार और एक बाइक से करीब 500 किसान हुए शामिल
तीन कृषि कानून और न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर सरकार से नौवें दौर की वार्ता से ठीक एक दिन पहले आज किसानों ने यूपी गेट से ट्रैक्टर मार्च निकाला है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान यूपी गेट से सुबह करीब 10रू00 बजे ट्रैक्टर पर तिरंगा और भाकियू का झंडा लगाकर रवाना हुए हैं। ट्रैक्टर मार्च में कई किसान अपनी गाड़ियों से भी शामिल हुए हैं। मार्च में 119 ट्रैक्टर, 15 कार और एक बाइक से करीब 500 किसान शामिल हुए हैं। किसानों का ट्रैक्टर मार्च दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे से इंदिरापुरम गौर एवेन्यू कट, नोएडा सेक्टर 62, छिजारसी हिंडन नहर पुल होते हुए विजयनगर को पार करते हुए डासना की तरफ बढ़ रहा है। किसानों के ट्रैक्टर मार्च के दौरान नोएडा सेक्टर 62, छिजारसी नहर पुल और विजय नगर बाईपास से लाल कुआं के बीच वाहनों से जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। डीएम और एसएसपी समेत पुलिस व प्रशासन के तमाम अधिकारी मार्च के दौरान मौजूद हैं।

शांतिपूर्ण होगा पूरा आंदोलनः किसान नेता
केएमपी से किसान ट्रैक्टर मार्च निकालकर टिकरी बॉर्डर जाएंगे ओर टिकरी बॉर्डर से किसानों का मार्च कुंडली तक आएगा। किसानों का कहना है कि वह पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे।

किसानों के ट्रैक्टर मार्च के लिए केएमपी-केजीपी गोलचक्र पर जुटे हजारों किसान
सोनीपत में कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए धरना दे रहे किसानों ने सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए गुरुवार को ट्रैक्टर मार्च निकाला है। किसानों के ट्रैक्टर मार्च को सफल बनाने के लिए केजीपी-केएमपी के पास तीन हजार से अधिक ट्रैक्टर लेकर किसान एकत्रित हुए। पंजाब के साथ ही हरियाणा से भी हजारों किसान ट्रैक्टर लेकर केएमपी-केजीपी गोलचक्र पर पहुंच गए हैं। किसान नेता ट्रैक्टर मार्च को 26 जनवरी की रिहर्सल बता रहे हैं। किसान पहले ही 26 जनवरी को दिल्ली कूच करने की चेतावनी दे चुके हैं।

मुरादनगर दुहाई टोल से पलवल की ओर रवाना होते किसान, लगा जाम
मुरादनगर दुहाई टोल से पलवल की ओर रवाना होते किसान और उसके कारण लगी वाहनों की कतारें।

प्रशासन रख रहा है मार्च पर पैनी नजर
जिला गाजियाबाद के एडीएम (सिटी), शैलेंद्र कुमार सिंह ने किसान मार्च के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, यहां की गाड़ियां नोएडा जाकर वहां से गाजीपुर बॉर्डर वापस आएंगी। हमारी तरफ से पूरी व्यवस्था की गई है। हम सभी चीजों का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं और हम लगातार इनके संपर्क में है।
 
चैथा जत्था पलवल से रेवासन की ओर बढ़ा
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 43वें दिन भी जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, श्जब तक कानून रद्द नहीं होगा तब तक हम यहां बैठे रहेंगे।श् वहीं किसान ट्रैक्टर मार्च का चैथा जत्था पलवल से रेवासन की ओर बढ़ गया है।
 
सिंघु से कुंडली पहुंचा ट्रैक्टर मार्च
गाजीपुर बॉर्डर से आगे निकला किसानों का ट्रैक्टर मार्च। वहीं सिंघु बॉर्डर से निकलकर किसानों का ट्रैक्टर मार्च कुंडली तक पहुंच गया है।
 
इन रास्तों पर जाने से बचें
सभी किसान ट्रैक्टर पर तिरंगा और भाकियू का झंडा लगाकर एनएच-9 से होते हुए डासना पहुंचेंगे। वहां पर मेरठ, बागपत, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, मोदीनगर, मुरादनगर और अन्य जिलों के किसान भी जमा होंगे। इसके बाद सभी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से पलवल की तरफ बढ़ेंगे। ऐसे में आज दिल्ली जाने से बचें। क्योंकि एक्सप्रेसवे पर जाम लगने के आसार हैं। वहीं, पलवल से भी किसान ईस्टर्न पेरिफेरल की ओर आएंगे। पेरिफेरल पर ही दोनों तरफ के किसान एक जगह पर मिलेंगे, जहां उनकी सभा होगी और आगे की रणनीति तैयार होगी। इसके बाद किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ यूपी गेट की ओर लौट आएंगे। पलवल के किसान भी अपने बॉर्डर पर लौट जाएंगे।

ट्रैक्टर मार्च शुरू, खाने से लेकर हर व्यवस्था के साथ जा रहे किसान
किसानों का ट्रैक्टर मार्च अब शुरू हो चुका है। किसानों ने अपने साथ खाने से लेकर तिरपाल, दवाई आदि सब कुछ रखा है ताकि किसी तरह की कोई परेशानी न हो। 

एक दिन के लिए आगे बढ़ाया था ट्रैक्टर मार्च
किसान नेता प्रेम सिंह का कहना है कि खराब मौसम के पूर्वानुमान की वजह से ट्रैक्टर मार्च एक दिन के बढ़ाया गया। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से भारी संख्या में ट्रैक्टर रवाना होंगे। 30 को हुई बातचीत में सरकार का रुख सकारात्मक दिखा तो किसानों की उम्मीदें जगी थीं। बाद में तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की बजाय इसे अच्छा बताया गया और दोबारा विचार करने की बात कही गई, किसानों के पास अच्छा है और आप सोच ले, कानूनों को रद्द करने के अलावा कोई बात नहीं हो सकती हैं। 

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