एनआईए की जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ बड़ी कार्यवाही, 14 जिलों के 45 ठिकानों पर छापा

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एनआईए की जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ बड़ी कार्यवाही, 14 जिलों के 45 ठिकानों पर छापा

-जांच एजेंसी ने जे एंड के में एक बार फिर से आतंक की हवा फैलाने के लिए जमात लश्कर, हिज्बुल मुजाहिद्दीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के फंडिंग ठिकानों पर की कार्यवाही

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/जम्मू-कश्मीर/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए  जम्मू-कश्मीर में 45 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। एजेंसी सूत्रों ने बताया कि टेरर फंडिंग केस में ये अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है। इसका मुख्य मकसद जे एंड के में एक बार फिर से आतंक की हवा फैलाने के लिए जमात लश्कर, हिज्बुल मुजाहिद्दीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के फंडिंग ठिकानों पर कार्यवाही कर शिकंजा कसना है। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में एनआईए जम्मू-कश्मीर के 14 से ज्यादा जिलों में छापेमारी कर रही है।
                     दक्षिण कश्मीर में भी इसी सिलसिले में बड़े पैमाने पर कार्रवाई हो रही है. इसी दौरान जमात-ए-इस्लामी के ठिकानों पर की जा रही है। केंद्र सरकार ने 2019 में इस संगठन पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन इसके बावजूद भी जम्मू-कश्मीर में संगठन की गतिविधियां चल रही थीं। जमात एक पाकिस्तान और अलगाववाद समर्थक संगठन है, जो प्रतिबंध के बावजूद काम कर रहा था।
                      दरअसल जम्मू-कश्मीर से 370 और 35 ए हटने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। सीमा पार से उसकी आतंकी गतिविधियों पर भी सेना और सुरक्षा बलों ने नकेल कस दी है। आतंकी घुसपैठ में भारी कमी आई है। कश्मीर में नई आतंकी भर्ती में भी भारी कमी आई है। हालात ये हैं कि अब उसे ड्रोन के जरिए अपने गुर्गों तक हथियार पहुंचाने पड़ रहे हैं। वहीं पहाड़ी से हथियार नीचे गिराये जा रहे है। ये सब पाकिस्तान की बौखलाहट को दिखाता है।
                     गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जमात, हेल्थ और एजुकेशन के क्षेत्र में काम करने के नाम पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिए दुबई और तुर्की जैसे देशों से फंड ले रहा था जिसका इस्तेमाल आतंक फैलाने में होता था। बताया जा रहा है कि हाल ही में जमात ने नए अलगाववादियों और आतंकियों की भर्ती के लिए एक सीक्रेट मीटिंग भी की थी। इसी सब में इस्तेमाल होने वाली फंडिंग की जांच एनआईए कर रही है।

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