उद्धव ठाकरे की बैठक में पहुंचे सिर्फ 20 विधायक, 35 के गायब होने से बढ़ी चिंता

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

उद्धव ठाकरे की बैठक में पहुंचे सिर्फ 20 विधायक, 35 के गायब होने से बढ़ी चिंता

-महाराष्ट्र में जादुई हुआ 37 का आंकड़ा, भाजपा के दावे ने बढ़ाया डर

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मुंबई/शिव कुमार यादव/- एकनाथ शिंदे की बगावत और करीब दो दर्जन विधायकों के सूरत में डेरा जमाने के चलते शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार बड़े संकट में आ गई है। उद्धव ठाकरे ने इस मसले पर बात करने के लिए आज दोपहर मीटिंग बुलाई थी, लेकिन इसमें करीब 20 विधायक ही शामिल हुए। ऐसे में उद्धव ठाकरे सरकार को लेकर चिंता बढ़ गई है। शिवसेना के कुल 55 विधायक हैं और यदि पार्टी से 27 अलग हो जाते हैं तो फिर उन पर दल-बदल का कानून लागू नहीं होगा। ऐसे में उद्धव ठाकरे की मीटिंग से 35 विधायकों का दूर रहना बड़े संकेत दे रहा है। हालांकि शिवसेना अब डैमेज कंट्रोल में जुटी है। एक तरफ एकनाथ शिंदे को उसने विधायक दल के नेता के पद से हटाकर अजय चौधरी को यह कमान सौंपी है। वहीं कुछ देर में शक्ति प्रदर्शन की भी बात कही है।
            इस बीच भाजपा के दावे ने भी शिवसेना और अघाड़ी सरकार की चिंताओं में इजाफा कर दिया है। मीडिया से बात करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ’हमारे पास जो खबर है, उसके मुताबिक एकनाथ शिंदे 35 विधायकों के साथ गए हैं। इसका मतलब यह हुआ कि तकनीकी तौर पर उद्धव ठाकरे सरकार अल्पमत में आ गई है। हालांकि व्यवहारिक तौर पर सरकार के अल्पमत में आने में अभी कुछ वक्त लगेगा।’ उन्होंने कहा कि हमें एमएलसी चुनाव और राज्यसभी इलेक्शन में अच्छा समर्थन मिला है। कई निर्दलीय विधायकों और छोटे दलों के नेताओं ने हमें वोट दिया।
            हालांकि इस दौरान चंद्रकांत पाटिल ने यह भी संकेत कर दिया कि भाजपा इस बार उतावली नहीं दिखना चाहती। उन्होंने कहा कि फिलहाल अविश्वास प्रस्ताव के लिए स्पेशल सेशन बुलाने की स्थिति पैदा नहीं हुई है। 18 जुलाई से सदन का मॉनसून सेशन शुरू हो रहा है। हम उस दौरान इस पर बात करेंगे। यही नहीं भाजपा की ओर से सरकार बनाने के दावे पर पाटिल ने कहा, ’अभी तो कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। हम फिलहाल हालात पर नजर बनाए हुए हैं। न ही एकनाथ शिंदे ने हमें कोई प्रस्ताव भेजा है और न भाजपा की ओर से उन्हें कुछ ऑफर किया गया है।’
              इसके साथ ही चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि राजनीति में किसी भी वक्त कुछ भी हो सकता है। उद्धव ठाकरे की मीटिंग में शिवसेना के ही 35 विधायकों के न पहुंचने से भाजपा नेता का दावा मजबूत दिखता है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा के 106 विधायक हैं और उसे 13 अन्य निर्दलीय नेताओं का समर्थन हासिल है। ऐसे में यदि उसे 26 शिवसेना विधायक सपोर्ट करते हैं तो फिर वह सरकार बनाने के जादुई आंकड़े तक पहुंच सकती है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox