उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुई 100 लोगों की मौत, कई घायल

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August 2, 2026

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उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुई 100 लोगों की मौत, कई घायल

-सत्संग खत्म होने के बाद अचानक भीड़ की भगदड़ से हुआ हादसा

उत्तर प्रदेश/नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- उत्तर प्रदेश के हाथरस में बड़ा हादसा हो गया है। यहां एक सत्संग में हिस्सा लेने आए 100 लोगों की मौत हो गई है। मौत के इस आंकड़े की पुष्टि एटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने की है। हादसे की सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया। इस हादसे में कुछ लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। साथ ही शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है।

बता दें कि एटा के सीएमओ डॉ उमेश कुमार त्रिपाठी ने 23 डेड बॉडी की पुष्टि की। मारे जाने वालों में 1 पुरुष, 19 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल है। जानकारी के मुताबिक, हाथरस जनपद के सिकंदराराऊ के फुलरई गांव में चल रहे भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई। दौरान अनेकों श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों की डेड बॉडी एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचाई गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से राहत कार्य में जुड़ने के लिए कहा है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है। जानकारी के मुताबिक, घटना के कारणों की जांच के लिए एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर की एक टीम गठित की गई है।

ऐसे मची थी भगदड़

गौरतलब है कि एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने हादसे की पूरी घटना बताई है। उन्होंने कहा कि सत्संग खत्म होने के बाद हम लोग निकलने लगे। भीड़ बहुत ज्यादा थी, तभी अचानक भीड़ में भगदड़ मच गई। जिससे कई लोग एक दूसरे के नीचे दब गए। कई लोगों की जान चली गई। मेरे साथ आए कई लोगों की जान चली गई है। मैं भी दब गई थी। लगा था कि मौत हो जाएगी, लेकिन किसी तरह से बच गई।

Dm ने कही ये बात

हाथरस DM आशीष कुमार ने कहा, ” जिला प्रशासन काम कर रहा है। घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है और लोगों का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने मुझे करीब 50-60 लोगों की मौत का आंकड़ा बताया है। कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति SDM ने दी थी और यह एक निजी आयोजन था। मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराना है।”

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