इंश्योरेंस फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश, द्वारका साउथ पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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September 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    द्वारका साउथ थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महिला सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी इंश्योरेंस कॉल सेंटर के जरिए लोगों को बंद हो चुकी बीमा पॉलिसी के नाम पर किस्त और सेटलमेंट का झांसा देकर ठग रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई में करीब 20 लाख रुपये विभिन्न संदिग्ध बैंक खातों में फ्रीज किए गए हैं, जबकि जांच में सामने आया है कि गिरोह ने देशभर में लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।

फर्जी लोगो और नोटिस से बनाया जाता था भरोसा
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), दिल्ली हाईकोर्ट, IRDA, NPCI और इंश्योरेंस ओम्बड्समैन जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के फर्जी लोगो और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आम लोगों को गुमराह करते थे। कॉल सेंटर से फोन कर पीड़ितों को बताया जाता था कि उनकी बीमा पॉलिसी लैप्स हो चुकी है और उसे चालू या परिपक्व राशि पाने के लिए कुछ शुल्क या एनओसी चार्ज जमा करना होगा।

NCRP पोर्टल से मिली अहम कड़ी
पुलिस ने I4C के NCRP पोर्टल पर दर्ज साइबर फ्रॉड मामलों का विश्लेषण किया, जिसमें पंजाब एंड सिंध बैंक, सेक्टर-6 द्वारका स्थित एक खाते से जुड़े संदिग्ध लेनदेन सामने आए। इसी कड़ी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

बैंक से गिरफ्तारी, फिर पूरे नेटवर्क तक पहुंच
जांच के दौरान निश्चिंत चौहान नामक युवक को बैंक से दो लाख रुपये निकालने के प्रयास में पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह कमीशन के बदले अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते गिरोह को उपलब्ध कराता था। इसके बाद पुलिस ने क्रेटा कार में पहुंचे मुख्य साजिशकर्ता साहिल बेरी को दबोचा, जिसके पास से कई मोबाइल फोन बरामद हुए।

सागरपुर में चल रहा था कॉल सेंटर
साहिल बेरी की निशानदेही पर पश्चिम सागरपुर इलाके में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा गया, जहां से किशन, दमन, सुमित और अन्य कर्मचारी पकड़े गए। यहां से हजारों बीमा पॉलिसीधारकों का डेटा, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए। आगे की जांच में बुराड़ी और पांडव नगर से अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया।

बड़ी बरामदगी, कई शिकायतें सामने आईं
पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 मोबाइल फोन, 4 हार्ड ड्राइव, 2 लैपटॉप, एक क्रेटा कार और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। एक पीड़ित ने लगभग 70 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। मोबाइल और डिजिटल डिवाइस से करोड़ों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं।

पुलिस का संदेश
द्वारका साउथ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध पर लगाम लगाना उनकी प्राथमिकता है और आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या भुगतान अनुरोध पर तुरंत भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना NCRP पोर्टल या पुलिस को दें।

यह कार्रवाई साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच का एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।

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