आरबीआई ने कदम से आम आदमी को लगेगा मंहगाई का झटका

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

आरबीआई ने कदम से आम आदमी को लगेगा मंहगाई का झटका

-रेपो दरों में 40 बेसिस प्वाइंट का इजाफा, होम-ऑटो समेत सभी लोन होंगे महंगे
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/-
तेल व खाद्य पदार्थों की मंहगाई के बाद अब आरबीआई ने भी आम आदमी को तगड़ा झटका दिया है। होम-ऑटो या फिर पर्सनल लोन लेने वालों के लिए बुरी खबर है। दरअसल, बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बड़ा फैसला लेते नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी। यानी अब लोन महंगे हो जाएंगे। बता दें कि 22 मई 2020 से ये दरें अपरिवर्तित थीं। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि तत्काल प्रभाव से नीतिगत रेपो दरों में 40 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया जा रहा है। बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए इस तरह का फैसला लिया गया है।
                इस बढ़ोतरी के बाद लंबे से चार फीसदी पर स्थिर रेपो दरें बढ़कर 4.40 फीसदी हो गई है। इसके साथ ही आरबीआई ने कैश रिजर्व रेशिया (सीआरआर) में 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की है, यह 4.50 फीसदी कर दिया गया है। नई दरें 21 मई से लागू की गई हैं। बता दें कि एमपीसी ने ब्याज दरों में इजाफा करने के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मतदान किया और इसके बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बढ़ोतरी करने का आदेश जारी कर दिया। दास ने बताया कि कमोडिटीज और वित्तीय बाजारों में जोखिम और बढ़ती अस्थिरता जैसे कारणों के चलते ये कदम उठाया गया है।
               गौरतलब है कि रेपो दरों में इस इजाफे से लोन लेने वाले ग्राहकों को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, दरें बढ़ने के बद अब होम, ऑटो और पार्सनल लोन महंगे हो जाएंगे और ईएमआई का बोझ बढ़ जाएगा। गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर से अधिक है और ऋण-से-जीडीपी अनुपात कम है। गौरतलब है कि अप्रैल महीने में महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्वानुमान से काफी ऊपर निकल चुकी है। मार्च के आंकड़े देखें तो देश में खुदरा महंगाई 6.95 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है, जबकि थोक महंगाई 17 महीने के हाई पर काबिज है।
                 यहां बता दें कि आरबीआई के नीतिगत दरों में बढ़ोतरी करने के फैसले का त्वरित असर शेयर बाजारों पर देखने को मिला है और पहले से गिरावट के साथ कारोबार कर रहा स्टॉक मार्केट भर भराकर गिर गया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सूचकांक फैसले के तुरंत बाद 1000 अंक टूटकर और 56 हजार के नीचे पहुंच गया। फिलहाल, सेंसेक्स 1070 अंक फिसलकर 55,864 के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है।  
                आरबीआई की ये बैठक पूर्व निर्धारित नहीं थी बल्कि अचानक की गई और इसमें लिया गया फैसला आम आदमी के लिए जोरदार झटका है। यहां बता दें कि बीती आठ अप्रैल को हुई एमपीसी की बैठक में रेपो दरों को लगातार 11वीं बार यथावत रखा गया था। लेकिन इसमें बढ़ोतरी के संकेत आरबीआई गवर्नर ने उसी समय दे दिए थी। बैठक के बाद बताया गया था कि समिति के सदस्यों ने बढ़ती महंगाई और इस नियंत्रित करने के उपायों पर गहन चर्चा की गई है।
                  इसके अलावा बीते दिनों रिसर्च फर्म नोमुरा की रिपोर्ट में भी ये अनुमान जताया गया था कि बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक रेपो दरों में इजाफा करने का बड़ा फैसला ले सकता है। लेकिन रिपोर्ट में जून में होने वाली एमपीसी बैठक में इस बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी। लेकिन आरबीआई ने बुधवार को आनन-फानन में बैठक बुलाकर रेपो दरों और सीआरआर में बढ़ोतरी कर सबको चौंका दिया।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox