आखिर खुल ही गई अफगान सीमा पर पाकिस्तान की आर्मी तैनात करने की पोल

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August 5, 2026

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आखिर खुल ही गई अफगान सीमा पर पाकिस्तान की आर्मी तैनात करने की पोल

-तालिबान संग लड़ रहे पाक सेना के अफसर को अफगानिस्तान ने किया ढेर

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देश-दुनिया/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पाकिस्तान ने एक पखवाड़ा पहले ही अफगान सीमा पर अपने सुरक्षाबलों को पीछे कर यह हवाला देते हुए सेना तैनात की थी। तालीबान व अफगान सेना के बीच छिड़ी जंग से उसकी सीमा में अस्थिरता पैदा हो सकती है। जबकि नजफगढ़ मैट्रो न्यूज ने यह दावा किया था कि यह सेना तालीबान की मदद के लिए तैनात की जा रही है और यह दावा अब सच भी हो गया है। बफगान सेना ने तालीबान से लड़ते हुए एक पाक सेना के अधिकारी को भी मार गिराया है जबकि इससे पहले सीमा के आसपास पाक सेना व तालीबान लड़ाके एक साथ देखे गये थे। अमेरिका सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से एयरस्ट्राइक्स में सहयोग मिलने से अफगानिस्तान सुरक्षा बलों ने तालिबान को पीछे धकेलना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ गजनी, तखर, कंधार, हेलमंद और बाग़लान सहित 20 प्रदेशों में लड़ाई जारी है। लड़ाई में तालिबान के साथ ही कई पाकिस्तानी लड़ाके भी हताहत हुए हैं। अफगान सुरक्षा बलों ने तालिबान से लड़ते हुए पाक सेना के एक अधिकारी को भी मार गिराया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने हमलों के लिए चेतावनी दी है और अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा की है।
                        अफगान सुरक्षा बलों ने एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी को भी मार गिराया है। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि पाकिस्तान सक्रिय रूप से तालिबान का समर्थन कर रहा है। अफगान आर्मी 209 कॉर्प्स के मुताबिक़, जावेद नाम के एक पाकिस्तानी सेना अधिकारी हमले में मारे गए हैं। बताया गया है कि जावेद लोगर, पक्तिया और पक्तिका इलाकों में तालिबान को लीड कर रहे थे।
                        अफगानिस्तान की जनता के साथ एकजुटता दिखाने और पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के खिलाफ अघोषित युद्ध के विरोध में 28 जुलाई को पाकिस्तान के दक्षिणी वजीरिस्तान (खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में) में एक विरोध मार्च निकाला गया था। इसमें कई निर्दोष लोग मारे गए हैं। मार्च का आयोजन पख्तून तहफ्फुज मूवमेंट द्वारा किया गया था, जिसके प्रमुख मंजूर पश्तीन ने कहा कि अफगानिस्तान युद्ध के कारण पूरा इलाका गरीबी झेल रहा है।
                          अफगानिस्तान सरकार ने सुरक्षा बलों की मुक्त आवाजाही तय करने के लिए मुख्य हाईवे की सुरक्षा बढ़ा दी है क्योंकि तालिबान के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षित हाईवे महत्वपूर्ण है।  इस सबके बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल केनेथ एफ मैकेंजी ने हाल ही में सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करने के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात की है। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकियों के खिलाफ हवाई हमले जारी रखेगा। उन्होंने कांधार की लड़ाई को मुश्किल बताते हुए इस बात पर जोर दिया है कि इलाके में अभी तक तालिबान का नियंत्रण नहीं हुआ है लेकिन लेकिन इस क्षेत्र का नियंत्रण दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण है।
                       अफगानिस्तान से मिली खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक़ अफगान सुरक्षा बलों ने हाईवे से लगे कई गांवों को विद्रोहियों के कब्ज़े से छुड़ा लिया है और कम से कम नौ विस्फोटक निष्क्रिय कर दिए हैं। अफगान सुरक्षा बलों ने हेरात में भारत द्वारा बनाए गए और सलमा बांध पर हमले को भी विफल कर दिया है। इस हमले में कई तालिबनी लड़ाके मारे गए और पांच अन्य घायल हो गए हैं।
                      अफगान सरकार ने काबुल, मजार-ए-शरीफ, जलालाबाद, कांधार और हेरात जैसे अहम शहरों की सुरक्षा कड़ी कर दी है। स्थानीय नेताओं ने तालिबान के खिलाफ लोगों को हथियार उठाने को कह रहे हैं। दाईकुंडी के शिया धर्मगुरु अयातुल्लाह वहीजादा ने तालिबान से लड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए फतवा जारी किया है।

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