प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी से साधा विपक्ष पर निशाना, पहले छल हुआ अब कानूनों पर झूठा डर दिखा राह विपक्ष

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 26, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी से साधा विपक्ष पर निशाना, पहले छल हुआ अब कानूनों पर झूठा डर दिखा राह विपक्ष

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/काशी/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र में प्रयागराज-वाराणसी 6 लेन हाईवे का लोकार्पण किया। 40 मिनट के भाषण में मोदी ने बनारस के दशहरी और लंगड़े आम से किसानों की बात शुरू की और कहते-कहते अपनी बात को कृषि कानूनों तक ले गए। किसानों पर उन्होंने 26 मिनट बात की। कहा कि एमएसपी और यूरिया के नाम पर छल करने वाले अब कृषि कानूनों पर झूठा डर दिखा रहे हैं। जो कभी होने वाला ही नहीं है, उसे लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। नये कानून पूरी तरह से गंगाजल की तरह किसानों के हक में है, यह कोई छल नही है।
मोदी ने कहा- मैं काशी की पवित्र धरती से कहना चाहता हूं कि अब छल से नहीं, गंगाजल जैसी नीयत से काम किया जा रहा है। भ्रम फैलाने वालों की सच्चाई देश के सामने आ रही है। आज जिन किसानों को कृषि सुधारों पर शंकाएं हैं, वे भी भविष्य में इनका लाभ उठाएंगे। अगर कोई पुराने सिस्टम से ही लेनदेन को ठीक समझता है तो उस पर भी कहीं कोई रोक नहीं लगी। नया कानून किसानों के लिए फायदेमंद है। इसमें किसानों को और आजादी दी गई है।

मोदी के भाषण की 7 खास बातें

  1. जो हुआ ही नहीं, उसे लेकर भ्रम फैलाया जा रहा
    सरकार कानून बनाती है तो इसे समर्थन और विरोध दोनों मिलता है। पहले सरकार का फैसला किसी को पसंद नहीं आता था, विरोध होता था। अब प्रचार किया जाता है कि फैसला ठीक है, लेकिन आगे चलकर न जाने क्या होगा। जो नहीं होगा, उसे लेकर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। 24ग्7 उनका यही काम है।
  2. विरोध करने वालों ने किसानों से छल किया
    ये वही लोग हैं जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ छल किया। पहले सालों तक डैच् के नाम पर छल किया गया। छोटे और सीमांत किसानों तक फायदा नहीं पहुंचता था। कर्जमाफी के नाम पर छल किया गया।किसानों के नाम पर बड़ी योजनाएं बनती थीं, लेकिन वे मानते थे कि किसानों तक 15 पैसे पहुंचते थे। बहुत सब्सिडियां दी जाती थीं, लेकिन इनमें भी छल होता था। किसानों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए कहा गया। किसी की प्रोडक्टिविटी किसी और के लिए सुनिश्चित की गई।
  3. यूरिया के लिए रात-रातभर लाइन लगती थी
    जब छल का इतिहास रहा हो तब दो बातें स्वभाविक है। पहला- किसान सरकार की बातों तक आशंकित रहता है तो इसके पीछे छल का इतिहास है। दूसरा- जिन्होंने वादे तोड़े, उनके लिए झूठ फैलाना सामान्य सी बात है। ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो सच सामने आ जाता है। हमने कहा था कि यूरिया की कमी नहीं होने देंगे। पहले इसके लिए रात-रातभर की लाइन लगती थी।
  4. फसल खरीद के आंकड़े गिनाए
    2014 के पहले पांच साल में पूरे देश में 650 करोड़ की दाल खरीदी गई। हमारे पांच सालों में 49 हजार करोड़ की दालें डैच् पर खरीदी यानी इसमें 75 गुना बढ़ोतरी है। पहले की सरकार ने डैच् पर 2 लाख करोड़ का धान खरीदा, हमने डैच् के जरिए 5 लाख करोड़ किसानों तक पहुंचा दिए। उनकी सरकार ने पांच साल में डैच् पर 1.5 लाख करोड़ का गेहूं खरीदा, जबकि हमने 3 लाख करोड़ का। अगर मंडियों को ही खत्म करना था तो फिर हमने उन्हें इतना मजबूत क्यों बनाया?
  5. विरोध करने वालों ने किसानों का फायदा रोका
    ये लोग अफवाह फैलाते थे कि चुनाव है, इसलिए मोदी 2 हजार रुपए दे रहा है। एक राज्य ने तो यहां तक कह दिया कि हमें 2 हजार रुपए चाहिए ही नहीं। एक राज्य ने ये पैसा किसानों की जेब जाने नहीं दिया। मैं उस राज्य के लोगों से कहना चाहता हूं कि वहां हमारी सरकार बनेगी तो ये पैसा किसानों को जरूर दूंगा। अब तक एक हजार करोड़ सीधा किसानों के खाते में पहुंच चुका है।
  6. हाईवे से लोगों को सुविधा मिलेगी
    आज काशी को आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक और उपहार मिल रहा है। इसका लाभ काशी के साथ ही प्रयागराज के लोगों को भी होगा। मुझे याद है 2013 में मेरी पहली जनसभा इसी मैदान पर हुई थी और तब यहां से गुजरने वाला हाईवे 4 लेन का था। बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद ये हाईवे 6 लेन का हो चुका है। 70 किमी का ये सफर अब आराम से होगा। नया हाईवे बनाना हो, पुल बनाना हो, रास्तों को चैड़ा करना हो, बनारस के इलाकों में अभी हो रहा है, उतना आजादी के बाद कभी नहीं हुआ। बनारस का सेवक होने के नाते मेरा प्रयास यही है कि यहां के लोगों का जीवन आसान हो।
  7. सरकार की कोशिशें, किसानों का फायदा
    सरकार के प्रयासों से किसानों को कितना फायदा है, इसका सबसे अच्छा उदाहरण चंदौली का काला चावल है। बेहतरीन काला चावल 300 रु किलो तक बिक रहा है। पहली बार ऑस्ट्रेलिया को ये चावल निर्यात हुआ है, वो भी 850 प्रति किलो में। इस कामयाबी को देखते हुए इस बार करीब एक हजार किसान काले चावल की खेती कर रहे हैं। किसानों को एकजुट कर उन्हें फायदा देने के प्रयास जारी हैं। फसल बीमा योजना से देश के 4 करोड़ किसानों की मदद हुई है। करीब 77 हजार करोड़ के सिंचाई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox