
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देहरादून/नई दिल्ली/मनोजीत सिंह/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- नई टिहरी के भिलंगना ब्लॉक स्थित सीमांत गांव गंगी में करीब आठ सौ बेशकीमती हरे पेड़ काटे गए हैं। इनमें थुनेर, भमोरा और बुरांश के पेड़ शामिल हैं। पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त जांच टीम ने मौके पर जाकर इसकी पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट आज शुक्रवार को डीएम और डीएफओ को सौंपी जाएगी।
बीती 26 जून को मामला सामने आने पर वन विभाग में हड़कंप मच गया था। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने डीएफओ डॉ. कोको रोसे को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। डीएफओ ने पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त जांच टीम को मौके पर भेजा था। जांच टीम के सदस्य क्षेत्र के रेंज अधिकारी शरत सिंह नेगी ने बताया कि गंगी गांव के पास ताल नामे तोक में सिविल सोयम और आरक्षित वन भूमि में पेड़ काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि काटे गए पेड़ों के स्थान पर कई छानियां भी बनाई जा रही हैं। यह छानियां किसकी हैं, पूछताछ के बावजूद इसका पता नहीं चला है। डीएफओ डॉ. कोको रोसे ने बताया कि कॉबिंग के बाद टीम गंगी से लौट रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ताल नामे तोक में हरे पेड़ों पर कई दिन आरी चलती रही, वह गांव से केवल तीन किलोमीटर की दूरी पर है। न तो वन और राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र में गश्त पर पहुंचे और न ही किसी ग्रामीण ने प्रशासन को पेड़ काटे जाने की सूचना दी। सबकी भूमिका संदेह के घेरे में है।





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