IPS की मौत पर सियासी भूचाल, वाई पूरन के परिवार से मिले चिराग पासवान

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October 19, 2026

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IPS की मौत पर सियासी भूचाल, वाई पूरन के परिवार से मिले चिराग पासवान

मानसी शर्मा/-  चंडीगढ़ में वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की संदिग्ध आत्महत्या के बाद देशभर में जातिगत भेदभाव को लेकर बहस तेज़ हो गई है। 7अक्टूबर को अपने सरकारी आवास पर आत्महत्या करने वाले कुमार 2001बैच के एडीजीपी रैंक के अधिकारी थे। उनके पास से बरामद आठ पन्नों के सुसाइड नोट ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। इस नोट में कुमार ने हरियाणा पुलिस के आठ वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया शामिल हैं, पर “खुलेआम जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और सार्वजनिक अपमान” के गंभीर आरोप लगाए हैं।

“न्याय नहीं मिला तो”-चिराग पासवान

मंगलवार को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान मृतक अधिकारी के परिवार से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे और सरकार की तरफ से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। पासवान ने कहा, “मैं यहां चिराग पासवान नहीं, बल्कि इस परिवार का हिस्सा बनकर आया हूं। अगर इस परिवार को न्याय नहीं मिला, तो कोई भी दलित परिवार मुख्यधारा में आने की नहीं सोचेगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी चाहे जितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हो, कार्रवाई निश्चित होगी।

राहुल गांधी ने भी उठाया जातिगत उत्पीड़न का मुद्दा

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मंगलवार को मृतक के परिवार से मुलाकात की और इसे दलित समुदाय के खिलाफ संस्थागत भेदभाव का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “ये केवल एक परिवार की बात नहीं है, करोड़ों दलितों के लिए यह संदेश जा रहा है कि चाहे वे कितने भी काबिल क्यों न हों, उन्हें दबाया जा सकता है। ये स्वीकार्य नहीं है।”

राजनीतिक दबाव के बाद कार्रवाई

बढ़ते राजनीतिक दबाव और जनाक्रोश के बीच हरियाणा सरकार ने मंगलवार को डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया है। साथ ही, पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारणिया का पहले ही तबादला किया जा चुका है। हालांकि मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग अभी भी बनी हुई है।

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