कमांड विहीन चल रहा सीमा शस्त्र बल का मुख्यालय

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कमांड विहीन चल रहा सीमा शस्त्र बल का मुख्यालय

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देहरादून/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- सीमांत ट्राई-जंक्शन काला पानी, लिपुलेख व तवाघाट जोकि भारत चीन ओर नेपाल सीमाओं से सटा हुआ जिला पिथौरागढ़, उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण संवेदनशील बार्डर है। जिसकी निगरानी का जिम्मा सीमा शस्त्र बल पर है लेकिन कुछ समय से जिस आईजी स्तर के आईपीएस अधिकारी के पास रानीखेत सीमांत मुख्यालय का कार्यभार है वो स्वयं दिल्ली एसएसबी मुख्यालय में फिलहाल तैनात हैं या अतिरिक्त कार्यभार संभाले हुए है। जिसका असर यहां सीमा शस्त्र बल के जवानों के मनोबल पर पड़ रहा है। जिसे देखते हुए कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन व एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन कुमाऊं मंडल ने गृहमंत्री अमित शाह से की मुख्यालय में एक स्थाई कैडर आफिसर्स की तैनाती की मांग की है।
कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह ने बताया कि सीमा शस्त्र बल जोकि पिथौरागढ़ से सटी नेपाल सीमा की चैकस चैकीदारी का जिम्मा है और जिसका मुख्यालय रानीखेत उत्तराखंड राज्य में स्थित है बिना आईंजी कमांड की उपस्थिति में चल रहा है। क्योंकि जिस आईजी स्तर के आईपीएस अधिकारी के पास रानीखेत सीमांत मुख्यालय का कार्यभार है वो स्वयं दिल्ली एसएसबी मुख्यालय में फिलहाल तैनात हैं या अतिरिक्त कार्यभार। जबकि चीन ओर नेपाल से पिथौरागढ़ जिले की सटी सीमा की जिम्मेदारी इसी सिनियर अफसरान के कंधो पर है जबकि आईजी साहब को स्थाई तौर पर रानीखेत सीमांत मुख्यालय में होना चाहिए। जबकि हाल ही में नेपाल द्वारा अपने मानचित्र में कुछ हिस्सों को दर्शाया गया। इस संवेदनशील बार्डर लाइन जोकि 35 वर्ग किलोमीटर उतराखण्ड के धारचूला से काला पानी नदी के साथ साथ फैले हुए इलाके पर ड्रैगन की नजर भी है।
कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन के हवाले से बताया गया कि उपरोक्त आईजी साहब सरहदों की सुरक्षा हालात का जायजा लेने की बजाय पुर्व अर्धसैनिक बलों के सेनानियों की केंद्रीय सरकार द्वारा मिलने वाली मदिरा सुविधाओं पर तुगलकी फरमान जारी कर हथोड़ा चला दिया वो भी बिना ग्रह मंत्रालय की अनुमति के जिसके चलते कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा, रानीखेत, चम्पावत, व पिथौरागढ़ के हजारों पुर्व अर्धसैनिक बलों के सेनानियों में भारी रोष व्याप्त है।
वहीं एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन कुमाऊं मंडल अध्यक्ष एमएस नेगी व उपाध्यक्ष तारादत्त शर्मा ने माननीय ग्रह मंत्री अमित शाह जी से अनुरोध किया कि बेहतर तालमेल एवं सुरक्षा संबंधी जरूरतों एवं अतिसंवेदनशील बार्डर की चाक-चैबंद चैकसी के लिए एक स्थाई तौर पर कैडर आफिसर्स को सीमांत मुख्यालय रानीखेत उत्तराखंड का कार्यभार दिया जाए जो कि जवानों के साथ सरहदी बंकरों में कम्पनी लेवल से रातें गुजारीं। चिंतनीय विषय कि दिल्ली में बैठे आईपीएस अधिकारी जो लुटियंस जोन में मिली सरकारी गाड़ियों, बंगला, कुक, ड्राईवर, धोबी , गार्ड व अन्य सुविधाओं का भरपूर आनंद लें रहे हैं। तो हम कैसे उनसे सरहदों की सुरक्षा की आशा
कर सकते हैं।

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