FACEBOOK-WHATSAPP के जमाने में खत क्यों? ANTARCTICA में भारत ने खोला नया पोस्ट ऑफिस, जानें खासियत

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August 17, 2026

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FACEBOOK-WHATSAPP के जमाने में खत क्यों? ANTARCTICA में भारत ने खोला नया पोस्ट ऑफिस, जानें खासियत

मानसी शर्मा / –  भारत के डाकघर ने इतिहास रचते हुए पृथ्वी के दक्षिणी ध्रुव के पास भी अपनी शाखा खोली दी है। अंटार्कटिका में भारत का डाकघर खोला गया है, जहां हर तरफ बर्फ है। भारत अंटार्कटिका में एक शोध मिशन पर है, वहां 50 से 100 वैज्ञानिक वीरान में काम करते हैं। भले ही आज फेसबुक-व्हाट्सएप का जमाना है। लोग अपने प्रियजनों से कुछ ही सेकंड में जुड़ जाते हैं। लेकिन भारत के लोगों में अंटार्कटिका से जुड़ी चिट्ठियों का क्रेज आज भी है। लोग खत को याद करने और अंटार्कटिका का डाक टिकट पाने के लिए बहुत उत्साहित रहते हैं।

अंटार्कटिका में भारत का तीसरा डाकघर

मालूम हो कि अंटार्कटिका में भारत का तीसरा डाकघर भारती स्टेशन पर खुल गया है। महाराष्ट्र सर्किल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल के। शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अंटार्कटिका में भारत के डाकघर का उद्घाटन किया। शर्मा ने बताया कि भारत ने अपना पहला डाकघर अंटार्कटिका के दक्षिण गंगोत्री स्टेशन में खोला था और दूसरा डाकघर 1990 में मैत्री स्टेशन में खोला गया था और अब तीसरा डाकघर अंटार्कटिका में खोला गया है।

Facebook-WhatsApp के जमाने में खत क्यों?

अंटार्कटिक ऑपरेशंस के ग्रुप डायरेक्टर शैलेन्द्र सैनी ने कहा कि यह प्रतीकात्मक है लेकिन फिर भी यह प्रयास एक मील का पत्थर है। हमारे वैज्ञानिकों के पास सोशल मीडिया तो है, लेकिन वे इस कम स्पीड वाले माध्यम से अपने परिवार से जुड़े रहते हैं। ऐसे समय में जब लोगों ने पत्र लिखना बंद कर दिया है, लोगों को अंटार्कटिका टिकटों वाले पत्र मिल रहे हैं। हम साल में एक बार सभी पत्र एकत्र करेंगे और फिर उन्हें गोवा स्थित अपने मुख्यालय भेजेंगे। यहां से वैज्ञानिकों के परिवारों को पत्र भेजे जाएंगे।

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