दिल्ली में अंतरराज्यीय ट्रक चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली में अंतरराज्यीय ट्रक चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

-मास्टरमाइंड भारत और उसके दो साथी दबोचे गए, दिल्ली से चोरी किए गए चार ट्रकों का खुलासा

CCTV फुटेज, UPI ट्रांजेक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल और WhatsApp चैट से मिला सुराग; पंजाब के गोदाम से चोरी के ट्रक के सभी कटे हुए पुर्जे बरामद

दिल्ली से ट्रक चोरी कर पंजाब में खपाने का आरोप, ट्रकों को काटकर पुर्जे बाजार में बेचते थे आरोपी

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/राज्य ब्यूरो,। दिल्ली पुलिस के उत्तर जिला स्थित एएटीएस (AATS) की टीम ने अंतरराज्यीय ट्रक चोरी और उन्हें काटकर पुर्जे बेचने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भारत (40), शंभू मेहतो (36) और अमृतपाल सिंह उर्फ अंबी उर्फ मुल्ला जी (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर चोरी किए गए ट्रक के सभी कटे हुए पुर्जे पंजाब के पटियाला जिले के पातरां स्थित एक गोदाम से बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह से दिल्ली में दर्ज ट्रक चोरी के चार मामलों का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार, गिरोह का कथित सरगना भारत अपने साथी शंभू मेहतो के साथ दिल्ली में ट्रकों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद ट्रकों को पंजाब के पातरां क्षेत्र में अमृतपाल सिंह के पास पहुंचाया जाता था, जहां उन्हें काटकर उनके पुर्जे अलग-अलग कर दिए जाते थे। इसके बाद इन पुर्जों को बाजार में बेचने की तैयारी की जाती थी। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के वाहनों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

नया ट्रक चोरी होने के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर 2026 को गुलाबी बाग थाना क्षेत्र से एक ट्रक चोरी हो गया था। यह ट्रक 20 जुलाई 2026 को ही पंजीकृत हुआ था। इस संबंध में ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के समग्र पर्यवेक्षण तथा एसीपी ऑपरेशंस विशेष धत्तरवाल के नेतृत्व में एएटीएस की विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज से पता चला कि चोरी करने के बाद आरोपी ने ट्रक में लगा जीपीएस उपकरण निकाल दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने ट्रक की आवाजाही का पता लगाने के लिए विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया।

फोनपे भुगतान से मिला अहम सुराग

जांच में सामने आया कि चोरी किया गया ट्रक आउटर रिंग रोड, करनाल बाईपास, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और मुरथल होते हुए सोनीपत के मल्हाना स्थित एक सीएनजी पंप तक पहुंचा था। वहां फोनपे के माध्यम से भुगतान किया गया था। पुलिस ने इस भुगतान से संबंधित यूपीआई लेनदेन का ब्योरा हासिल किया और संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया।

इसके साथ ही आरोपियों के व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल डेटा की भी जांच की गई। इन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को ट्रक के पंजाब की ओर ले जाए जाने का सुराग मिला। जांच के बाद पुलिस ने भारत की पहचान की और उसे दिल्ली के निलोठी, नांगलोई एक्सटेंशन स्थित उसके किराये के मकान से पकड़ लिया।

पूछताछ में दो अन्य आरोपियों के नाम आए सामने

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान भारत ने कथित तौर पर अपने साथी शंभू मेहतो के साथ मिलकर ट्रक चोरी करने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने शंभू को बिंदापुर इलाके से पकड़कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पूछताछ में चोरी का ट्रक पंजाब के पातरां क्षेत्र में अमृतपाल सिंह को बेचने की जानकारी दी।

इसके बाद पुलिस टीम ने पंजाब के खनौरी बाजार क्षेत्र से अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल ने पूछताछ में बताया कि उसने ट्रक को काटकर उसके अलग-अलग पुर्जे अपने गोदाम में रखे थे। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गोदाम से चोरी किए गए ट्रक के सभी कटे हुए पुर्जे बरामद कर लिए। पुलिस ने तीन मोबाइल फोन और सिम कार्ड सहित अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए हैं।

चार ट्रक चोरी के मामलों का खुलासा

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप डेटा के विश्लेषण से भारत की कथित तौर पर तीन अन्य ट्रक चोरी की वारदातों में संलिप्तता सामने आई। इन ट्रकों को भी अमृतपाल सिंह को बेचकर कटवाने का आरोप है। इस प्रकार पुलिस ने कुल चार मामलों को सुलझाने का दावा किया है।

इन मामलों में गुलाबी बाग थाना क्षेत्र से चोरी हुआ ट्रक, निहाल विहार से चोरी हुआ ट्रक, जनकपुरी से चोरी हुआ ट्रक और अलीपुर थाना क्षेत्र से चोरी हुआ ट्रक शामिल हैं। पुलिस अब इन मामलों से जुड़े अन्य साक्ष्यों की पुष्टि कर रही है।

पहले भी वाहन चोरी के मामलों में शामिल रहा है भारत

पुलिस के अनुसार, भारत पहले परिवहन व्यवसाय से जुड़ा था और वर्तमान में चालक के रूप में काम कर रहा था। उसके खिलाफ द्वारका सेक्टर-28, पश्चिम विहार, द्वारका और मुंडका थानों में वाहन चोरी से संबंधित चार पूर्व मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।

वहीं, शंभू मेहतो भी पेशे से चालक है। तीसरा आरोपी अमृतपाल सिंह पंजाब में फूलों की सजावट का काम करता है। पुलिस का आरोप है कि वह चोरी के ट्रक हासिल कर उन्हें कटवाता था और उनके पुर्जे आगे बेचता था।

अन्य आरोपियों और चोरी के वाहनों की तलाश जारी

उत्तर जिला पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने, चोरी किए गए दूसरे वाहनों और उनके पुर्जों का पता लगाने तथा आरोपियों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी के वाहनों को खरीदने और उनके पुर्जे बेचने में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के समन्वित विश्लेषण से इस अंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंचने में मदद मिली।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox