छतरपुर में कथित भू-माफिया और अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा गरमाया

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

November 2026
MTWTFSS
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30 
November 1, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

छतरपुर में कथित भू-माफिया और अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा गरमाया

-पार्षद पिंकी नरेश त्यागी ने उठाई आवाज, कहा—गांव और कॉलोनी की जमीन पर कब्जे की कोशिश बर्दाश्त नहीं

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/राज्य ब्यूरो,।दिल्ली के छतरपुर गांव में जमीन पर कथित कब्जे और अवैध प्लॉटिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ लोग लोगों को गुमराह कर जमीन की प्लॉटिंग और बिक्री का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले को लेकर छतरपुर से पार्षद पिंकी नरेश त्यागी ने खुलकर आवाज उठाई है और संबंधित जमीनों की स्थिति तथा कथित प्लॉटिंग की जांच की मांग की है।

पार्षद पिंकी नरेश त्यागी का आरोप है कि छतरपुर में भू-माफिया सक्रिय हैं और लोगों को जमीन से जुड़े अधिकारों के संबंध में गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने मनचंदा नामक व्यक्ति और कृष्ण राणा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके द्वारा लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।

1974 की जमीन और 1987 के बाद की स्थिति पर उठे सवाल

पार्षद के अनुसार, वर्ष 1974 में पंचायत से संबंधित व्यवस्था के तहत कुछ जमीनों को सरकारी स्तर पर लीज पर दिए जाने की बात सामने आती है। उनका कहना है कि वर्ष 1987 में ग्राम पंचायत भंग होने के बाद ऐसी लीज की वैधानिक स्थिति समाप्त हो गई थी तथा कई जमीनें सरकार द्वारा वापस ली गई थीं।

पिंकी नरेश त्यागी ने सवाल उठाया कि यदि किसी जमीन की लीज समाप्त हो चुकी थी, तो उसके आधार पर किसी व्यक्ति को जमीन की प्लॉटिंग कर उसे आम लोगों को बेचने का अधिकार कैसे मिल सकता है। उन्होंने प्रशासन से जमीन के पुराने रिकॉर्ड, लीज दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड और वर्तमान स्वामित्व की स्थिति की जांच कराने की मांग की।

‘छतरपुर को अनाथ समझने की कोशिश न करें’

पार्षद पिंकी नरेश त्यागी ने कहा कि “कोई छतरपुर को अनाथ समझने की कोशिश न करे। 100 कृष्ण राणा या जो भी इनके गुरु हैं, उन्हें भी ले आना, लेकिन अगर गांव और कॉलोनी की जमीन पर कब्जा हो जाए तो यह पूरे छतरपुर के लिए शर्म की बात होगी।”

उन्होंने कहा कि छतरपुर की जमीन और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा करना जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की मनमानी या लोगों को गुमराह करने की कोशिश को सामने लाया जाएगा।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। मांग है कि संबंधित जमीनों के खसरा नंबर, मालिकाना हक, लीज रिकॉर्ड, राजस्व दस्तावेज और प्लॉटिंग से जुड़े कागजात की जांच की जाए। साथ ही यदि नियमों के विरुद्ध प्लॉटिंग या जमीन की खरीद-फरोख्त पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आना बाकी है। प्रशासनिक जांच के बाद ही जमीन की वास्तविक कानूनी स्थिति और कथित प्लॉटिंग की वैधता स्पष्ट हो सकेगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox